भारतीय किसान यूनियन क्रांति अराजनीतिक की ओर से हरिद्वार के वीआईपी घाट के पास किसान महाकुंभ एवं चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। इसमें जिले और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने कृषि, बिजली, गन्ना भुगतान और सरकारी योजनाओं समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। संगठन ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को आठ सूत्रीय मांगपत्र भेजा।
आठ सूत्रीय मांगपत्र भेजा गया
किसानों ने स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक, उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी ट्यूबवेल की बिजली निशुल्क करने और इकबालपुर चीनी मिल पर लंबित गन्ना भुगतान अविलंब दिलाने की मांग उठाई। इसके अलावा वृद्धावस्था पेंशन पांच हजार रुपए प्रतिमाह करने, शिक्षा और चिकित्सा निशुल्क करने तथा गन्ने का मूल्य 500 रुपए प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग भी रखी गई।
बीजेपी नेता भी हुए शामिल
किसान महाकुंभ में आसपास के सैकड़ों किसान शामिल हुए। इसके अलावा बीजेपी से जुड़े कई नेता भी शिरकत करने पहुंचे। कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, दर्जाधारी श्यामवीर सैनी और पूर्व बीजेपी नेता अजय वर्मा समेत कई नेताओं ने किसानों की मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
मंच के पास हुआ डांस कार्यक्रम
मंच के बराबर में ही डांस का कार्यक्रम भी रखा गया, जिसमें रागिनी के साथ महिला कलाकारों ने फिल्मी गानों पर जमकर ठुमके लगाए। इससे गंगा किनारे फिल्मी गानों पर डांस को लेकर तीर्थ क्षेत्र की गरिमा और मर्यादा पर सवाल खड़े हो गए। डांस कार्यक्रम के दौरान बनाए गए वीडियो में कोई मंत्री दिखाई नहीं दे रहा है।
पुलिस ने बंद कराया कार्यक्रम
डांस का वीडियो वायरल सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया और मौके पर जाकर डांस का कार्यक्रम बंद कराया। पुलिस ने सख्त हिदायत भी दी। भाकियू क्रांति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सैनी ने कहा कि किसान महाकुंभ में लोक कलाकारों की ओर से रागिनी का कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें केवल लोक कलाकारों ने ही प्रस्तुति दी।
गंगा सभा ने जताई नाराजगी
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि वीआईपी घाट के सामने फिल्मी गानों पर डांस कराने का मामला संज्ञान में आया है। कार्यक्रम करने का अधिकार सबको है, लेकिन किसी भी आयोजन में तीर्थ की मर्यादा भंग नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन को तीर्थ के नाम पर आयोजन करते समय मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
जैविक खेती और अन्य मांगें
किसानों ने प्रदेश में एक समान नियम लागू करने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सहायता तथा अनुदान देने की मांग उठाई। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया सरल करते हुए स्टांप ड्यूटी समाप्त करने की मांग भी रखी गई। उन्होंने कहा कि सरकार की कई योजनाओं का लाभ आम किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है, इसलिए किसानों के हित में नीतियों में बदलाव की जरूरत है।
किसानों ने दिया आंदोलन की चेतावनी
विकास सैनी ने कहा कि इकबालपुर चीनी मिल पर स्थानीय किसानों के गन्ने का भुगतान बकाया है। यदि जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की कई योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है।