उत्तराखंड में मॉनसून का कहर जारी है। भारी बारिश और भूस्खलन लगातार लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। चमोली में बदरीनाथ हाईवे बंद होने से दर्जनों वाहन फंस गए, वहीं ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान पर पहुंच गया।
बदरीनाथ हाईवे पागलनाला में बंद
चमोली जिले में बुधवार रात से लगातार बारिश हो रही है, जिससे बदरीनाथ हाईवे पागलनाला में बंद हो गया है और लगभग 50 वाहन फंसे हैं। हाईवे खोलने का काम जारी है। भनेरपानी में भी पत्थर गिर रहे हैं और यहां खतरे के बीच आवाजाही हो रही है।
28 से अधिक संपर्क मार्ग अवरुद्ध
जिले में 28 से अधिक संपर्क मोटर मार्ग बंद हैं। नंदप्रयाग परथाडीप में एक कार मलबे में फंस गई। पोखरी विकासखंड के बीणा-सोडामंगरा-नागधार मार्ग पर एराणा के पास भारी भू-धंसाव होने से सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है।
बाइक कंधे पर उठाकर निकल रहे लोग
देवसारी मोटर मार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण यातायात पूरी तरह ठप है। मार्ग पर जगह-जगह बोल्डर और मलबा आने से वाहनों की आवाजाही रुकी है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक युवक अपनी बाइक कंधे पर उठाकर ले जाता दिखा। स्थानीय लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
गंगा चेतावनी निशान पर
भारी बारिश के चलते ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और नदी चेतावनी निशान के ऊपर पहुंच गई है। इससे किनारे बसे इलाकों में दहशत बनी हुई है। प्रशासन ने नदी किनारे के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक के मुताबिक बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तरकाशी, देहरादून, चमोली, पौड़ी, टिहरी और ऊधमसिंह नगर के लिए येलो अलर्ट है। भारी बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे के पास पहाड़ी पर भूस्खलन हुआ है।
यमुनोत्री हाईवे खुला
राहत की बात यह रही कि मंगलवार से भूस्खलन के कारण बंद पड़ा यमुनोत्री हाईवे अब खुल गया है, जिससे सड़क मार्ग से फंसे लोगों को निकाला जा सका। प्रशासन ने मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लें और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें। हाईवे खुलने के बाद ही वाहनों को रवाना किया जाएगा। लंबे समय तक सड़क बंद रहने से किसानों को अपनी उपज मंडी तक पहुंचाने में दिक्कत हो रही है और यात्रियों को अतिरिक्त समय लग रहा है। दिन में कुछ घंटों के लिए मौसम साफ हुआ तो मलबा हटाने का काम तेज हुआ, लेकिन शाम फिर बारिश शुरू हो गई। अधिकारियों ने मार्ग खोलने के लिए अतिरिक्त मशीनरी और मजदूर लगाए हैं। जिला प्रशासन ने बदरीनाथ हाईवे पर फंसे यात्रियों के लिए आसपास के गांवों में राहत और भोजन की व्यवस्था की है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम साफ होते ही मार्ग को पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा।