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उत्तरकाशी

20 हजार फीट पर देश का पहला हेली रेस्क्यू, गंगोत्री में 67 पर्वतारोही सुरक्षित

गंगोत्री हिमालय में 20 हजार फीट की ऊंचाई पर चला देश का पहला सफल हेली रेस्क्यू अभियान, यूकाडा के चार हेलीकॉप्टरों की मदद से 67 पर्वतारोही सुरक्षित निकाले गए।

उत्तरकाशी। गंगोत्री हिमालय में समुद्र तल से लगभग 20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित चोटियों से देश का पहला सफल हेली रेस्क्यू अभियान संपन्न हुआ है। दो दिन तक चले इस अभियान में यूकाडा की हेली सेवाओं की मदद से बर्फबारी में फंसे 67 पर्वतारोहियों व पोर्टरों को सुरक्षित निकाला गया। रिपोर्ट के मुताबिक बीते शनिवार गंगोत्री हिमालय में हुई तेज बर्फबारी से 136 पर्वतारोही और ट्रेकर विभिन्न चोटियों व दर्रों पर फंस गए थे, जिनमें से 67 लोगों को दो चरणों में बाहर निकाल लिया गया।

गढ़वाल माउंटेनियरिंग एंड ट्रेकिंग एजेंसी एसोसिएशन के मनोज रावत के मुताबिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में करीब पांच फीट बर्फ गिर गई थी। इतने मुश्किल हालात के बीच जिला प्रशासन और पूरी टीम ने मजबूती के साथ कार्य किया, जिसमें यूकाडा की हेली सेवाओं की अहम भूमिका रही। रिपोर्ट के अनुसार जोगिन-1 चोटी, कालिंदी पास, सतोपंथ चोटी, ओडेन कॉल पास और वासुकीताल समुद्र तल से लगभग 15 हजार से 20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं, जहां तेज हवाओं के बीच बचाव कार्य चलाया गया।

दो चरणों में हुआ 67 लोगों का बचाव

प्रशासन के मुताबिक सोमवार को ओडेन कॉल पास और कालिंदी पास से 40 पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकाला गया। मंगलवार को दोबारा शुरू किए गए अभियान में कालिंदी सहित जोगिन-1, वासुकीताल और सतोपंथ से 27 और लोगों को बाहर निकाला गया। हर्षिल में अभियान का नेतृत्व कर रहीं एडीएम मुक्ता मिश्र के अनुसार ओडेन कॉल पास से 29, जोगिन-1 से 8, सतोपंथ से 8, कालिंदी पास से 19 तथा वासुकी ताल से तीन पोर्टरों का रेस्क्यू किया गया।

इससे पहले का बड़ा उदाहरण लद्दाख का रहा

रिपोर्ट के मुताबिक इससे पूर्व अगस्त माह में सेना के हेलीकॉप्टर ने लद्दाख क्षेत्र की 18,500 फीट ऊंची नुन-कुन चोटी से एक घायल पर्वतारोही का सफल बचाव किया था। ट्रैकिंग एजेंसी के संचालक मुकेश पंवार ने बताया कि इससे पहले कहीं पर भी इतने वृहद हेली रेस्क्यू अभियान का उदाहरण नहीं देखने को मिला। उन्होंने एजेंसियों को किराए पर सैटेलाइट फोन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है।

अन्य दल अपनी व्यवस्था से लौट रहे

रिपोर्ट के अनुसार कुछ दल अपने अभियान पूरे करना चाहते हैं। श्रीकंठ अभियान पर गए 18 सदस्यीय एसएसबी दल अपना अभियान जारी रखना चाहता है। वहीं सुदर्शन पीक पर गए 12 सदस्य, भागीरथी-2 (आर्मी) के 20 सदस्य, भागीरथी-2 के 9 सदस्य, शिवलिंग पर गए 7 सदस्य और 5 सदस्यों का दल अपनी व्यवस्थाओं पर सुरक्षित वापस आ रहे हैं। इसके बाद प्रशासन की ओर से रेस्क्यू बंद कर दिया गया है।

प्रशासन के मुताबिक दो दिन के भीतर शासन-प्रशासन की ओर से यूकाडा के चार हेलीकॉप्टरों के साथ आईटीबीपी, एसडीआरएफ और वन विभाग की टीमों ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यह सफल अभियान चलाया। बचाए गए पर्वतारोहियों को हर्षिल पहुंचाया गया, जहां से अभियान का नेतृत्व किया जा रहा था। इस बीच एक खबर के मुताबिक तेज बर्फबारी के बाद उत्तरकाशी के उच्च हिमाल में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण पर रोक लगा दी गई है।