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कुंभ 2027 की तैयारी: एआई और सर्विलांस से निगरानी, 32 सेक्टर व 10 स्नान पर्व

हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियों की राज्यपाल गुरमीत सिंह ने की समीक्षा, मेला क्षेत्र 32 सेक्टरों में बंटेगा और 10 स्नान पर्व होंगे, एआई सर्विलांस से निगरानी।

हरिद्वार। हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मेलाधिकारी सोनिका और पुलिस महानिरीक्षक डॉ. योगेंद्र रावत ने मेले की तैयारियों तथा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। राज्यपाल ने कहा कि कुंभ में एआई, आधुनिक सर्विलांस और भीड़ प्रबंधन के आधुनिक इंतजाम होने चाहिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।

एआई आधारित निगरानी और 32 सेक्टर का प्लान

राज्यपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक के अनुसार अगले कुंभ में निगरानी का बड़ा भरोसा तकनीक पर रहेगा। मेला क्षेत्र को 32 सेक्टरों में बांटा जाएगा और मेले के दौरान 10 स्नान पर्व होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मेला क्षेत्र चार जिलों में फैला होगा, जिनमें हरिद्वार प्रमुख है। राज्यपाल ने तकनीक एवं एआई आधारित व्यवस्थाओं, आधुनिक सर्विलांस प्रणाली तथा भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर अनुभव के लिए उपलब्ध आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए।

मेला प्रशासन की ओर से हर स्नान पर्व के लिए पहले से तैयार प्लान के साथ चलने की रणनीति बनाई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस महानिरीक्षक स्तर से तैयारियों की समीक्षा हो चुकी है और हरिद्वार के नियंत्रण कक्ष में पैदल मार्गों से लेकर भीड़ प्रबंधन तक को लेकर मंथन भी हो चुका है।

स्वच्छता और हितधारकों की भागीदारी पर जोर

राज्यपाल ने स्वच्छता एवं सैनिटेशन व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उनके अनुसार देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना मेला प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। बैठक में कहा गया कि मेले की व्यवस्थाओं में एनसीसी, विश्वविद्यालयों, पूर्व सैनिकों और स्वयंसेवी संगठनों सहित विभिन्न हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

इससे पहले मुख्य सचिव स्तर से भी हरिद्वार पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया जा चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मेलाधिकारी सोनिका अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के सख्त निर्देश दे चुकी हैं और निर्माण कार्यों को 15 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

रेल से पेयजल तक तैयारियों में तेजी

मेले के लिए दूसरे मोर्चों पर भी काम तेज गति से चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रेलवे अगले दो साल में कुंभ के लिए लगभग 200 स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है और हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त टिकट काउंटर व भीड़ होल्डिंग एरिया समेत 10 सुविधाएं विकसित की जाएंगी। केंद्र सरकार ने मेले के लिए 8000 मीट्रिक टन गेहूं और चावल का भंडार उपलब्ध करा दिया है। पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के लिए हरिद्वार में 9.69 करोड़ रुपये की लागत से नई पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी।

सप्तऋषि क्षेत्र में सप्तसरोवर मार्ग का सुधार दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों के काम भी 15 दिसंबर तक निपटाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। राज्यपाल की बैठक के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि एआई आधारित निगरानी और बेहतर भीड़ प्रबंधन से हरिद्वार कुंभ 2027 श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और भव्य आयोजन साबित होगा।