उत्तराखंड में बुधवार देर रात से ही प्रदेश के लगभग सभी जिलों में रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। मानसून के दूसरे दिन लगातार वर्षा के चलते प्रदेशभर में 52 से अधिक मुख्य और ग्रामीण सड़कें बंद हो गईं। सबसे ज्यादा असर बागेश्वर, टिहरी और पिथौरागढ़ में देखने को मिला, जबकि कई स्थानों पर नदियां उफान पर हैं।
टिहरी में सबसे ज्यादा असर
जागरण के मुताबिक टिहरी जिले में मानसून की भारी बारिश और भूस्खलन से 16 सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जिनमें लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई के मार्ग शामिल हैं। नरेंद्रनगर में सर्वाधिक 110 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कई गांवों में पुल न होने के कारण ग्रामीणों को सौंग नदी को जोखिम में डालकर पार करना पड़ रहा है।
बागेश्वर में 14 और पिथौरागढ़ में 10 मार्ग बंद
दैनिक भास्कर के अनुसार बागेश्वर में 14 रास्ते बंद रहे, जिनमें 5 पीडब्ल्यूडी और 9 पीएमजीएसवाई के मार्ग हैं। टिहरी में 13 ग्रामीण मोटर मार्ग और पिथौरागढ़ में 10 मार्ग अवरुद्ध रहे। देहरादून और चमोली में पांच-पांच, पौड़ी तथा रुद्रप्रयाग में दो-दो और चंपावत में एक ग्रामीण मार्ग बंद रहा।
देहरादून में रिस्पना उफान पर
देहरादून में लगातार दूसरे दिन रिस्पना नदी उफान पर है। मालदेवता रोड पर पानी के साथ मलबा आ गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात ठप रहा। पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश के चलते झूलाघाट में काली नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
बागेश्वर में बोल्डर गिरने से मार्ग बंद
बागेश्वर में बारिश के बाद मलबा, बोल्डर और पेड़ सड़क पर गिरने से पुडकुनी-चलकाना मार्ग बंद हो गया। रुद्रप्रयाग की केदारघाटी में कल से रुक-रुककर बारिश हो रही है और अलकनंदा का जलस्तर बढ़ गया है। उत्तरकाशी में रुक-रुककर बूंदाबांदी जारी है।
चमोली और पौड़ी में भी बारिश का असर
चमोली जिले में पांच ग्रामीण मोटर मार्ग बंद रहे, जबकि पौड़ी में दो मार्ग अवरुद्ध हुए। दोनों जिलों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। प्रशासन ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। पहाड़ी ढलानों से गिर रहे मलबे के कारण कई ग्रामीण मार्गों पर आवाजाही बाधित हो रही है।
देहरादून और बागेश्वर के लिए ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक आज मानसून की रफ्तार तेज होने के साथ प्रदेशभर में बारिश का दौर भी तेज रहेगा। देहरादून और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत समेत कई जिलों के लिए यलो अलर्ट है।
यात्रियों के लिए जारी एडवाइजरी
प्रशासन ने चारधाम और अन्य पहाड़ी मार्गों पर जाने वाले यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें। मार्ग बंद होने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है। आपदा नियंत्रण कक्ष ने किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करने को कहा है।
गर्जन के साथ बौछारों की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के सभी पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। शेष जिलों में भी अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है।