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चंपावत

मानसून से 493 सड़कें प्रभावित, टिहरी में सबसे ज्यादा तबाही; चारधाम यात्रियों से सतर्कता की अपील

उत्तराखंड में मानसून से 493 सड़कें प्रभावित हुईं, 34 अब भी बंद। पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश का अलर्ट, चारधाम यात्रियों से सतर्कता की अपील।

उत्तराखंड में मानसून की दस्तक अब सीधे पहाड़ों की रफ्तार पर असर डाल रही है। लगातार हो रही वर्षा और पहाड़ियों से गिर रहे मलबे ने कई इलाकों में सड़कों की रफ्तार रोक दी है। जागरण के मुताबिक शुक्रवार को प्रदेश की 493 सड़कें मानसून की मार झेलती रहीं, जिनमें से 34 पूरी तरह बंद थीं और 15 लंबे समय से अवरुद्ध हैं।

454 मार्ग खोले गए, बंद रहीं 34 सड़कें

राहत की बात यह है कि प्रशासन ने तेजी से काम करते हुए 454 मार्गों को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया, लेकिन मुश्किलें पूरी तरह टली नहीं हैं। देर शाम तक 34 सड़कें पूरी तरह बंद थीं, जबकि पांच मार्ग आंशिक रूप से संचालित हो रहे थे।

टिहरी में सबसे ज्यादा 72 सड़कें प्रभावित

मानसून का सबसे ज्यादा असर शुक्रवार को टिहरी पर पड़ा, जहां अकेले 72 सड़कें प्रभावित हुईं। इसके बाद पिथौरागढ़ में 64, देहरादून में 62, चमोली में 59 और पौड़ी में 49 सड़कें बारिश और मलबे की चपेट में आईं। यानी राज्य के कुछ चुनिंदा जिलों में ही सड़कें अधिक प्रभावित हुई हैं।

पांच मार्ग आंशिक रूप से बहाल

प्रशासन के अनुसार पांच मार्गों पर आंशिक रूप से आवाजाही शुरू हो पाई है, जबकि 15 सड़कें तय समय से ज्यादा दिनों से बंद पड़ी हैं। इन मार्गों को खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई की टीमें मशीनों के साथ लगातार काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही शेष मार्ग भी खोल दिए जाएंगे।

चमोली में अब भी नौ सड़कें बंद

मौजूदा हालात पर नजर डालें तो चमोली अभी सबसे ज्यादा चुनौती झेल रहा है, जहां अब भी नौ सड़कें बंद हैं। पिथौरागढ़ में पांच सड़कें अब तक नहीं खुल पाई हैं। देहरादून, पौड़ी और टिहरी में तीन-तीन और बागेश्वर, चंपावत व हरिद्वार में एक-एक सड़क प्रभावित है।

156 लाख का शुरुआती नुकसान

बारिश ने सिर्फ रास्ते ही नहीं रोके, बल्कि सरकारी खजाने पर भी दबाव बढ़ाया है। शुरुआती नुकसान करीब 156.56 लाख रुपए आंका गया है, जबकि सड़कों को दोबारा दुरुस्त करने और बहाल करने पर लगभग 26.35 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। सबसे ज्यादा चोट ग्रामीण संपर्क मार्गों पर पड़ी है।

ग्रामीण संपर्क मार्गों पर सबसे ज्यादा चोट

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की 165 सड़कें प्रभावित हुई हैं, जबकि सड़क श्रेणी के हिसाब से 378 ग्रामीण सड़कें बारिश की मार झेल चुकी हैं। इसका सीधा असर गांवों की आवाजाही और स्थानीय जीवन पर पड़ रहा है।

तीन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र ने आज पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ गर्जन और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। मैदानी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

चारधाम यात्रियों से सतर्कता की अपील

प्रदेश में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास न ठहरने की सलाह दी है।