उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पांच पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ इनमें शामिल हैं। वहीं मैदानी जिलों में तेज धूप खिली रही और गर्मी बढ़ती गई। केदारनाथ में बर्फ जमी हुई है।
पांच जिलों में हल्की बारिश
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आंशिक बादल छाए रहे। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई। कहीं-कहीं बूंदाबांदी दर्ज की गई। इससे तापमान सामान्य से कम बना रहा। ऊंचाई वाले इलाकों में ठंडक महसूस की गई।
बादलों के कारण ठंडक
पर्वतीय इलाकों में बादल मंडराने से दिन में भी ठंडक रही। सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ी रही। लोगों ने हल्के गर्म कपड़े पहनने शुरू कर दिए। मौसम सुहावना बना हुआ है। पर्यटक इस मौसम का लुत्फ उठा रहे हैं।
केदारनाथ में जमी बर्फ
केदारनाथ धाम में बीते कुछ दिनों से बर्फ जमी हुई है। यहां बर्फबारी का असर अभी भी बना हुआ है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान लगातार कम चल रहा है। धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को ठंड का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े रखने की सलाह दी है।
मैदानी इलाकों में तेज धूप
मैदानी जिलों में मौसम शुष्क बना हुआ है। तेज धूप निकलने से दिन के समय गर्मी बढ़ रही है। लोग दोपहर में घरों में रहना पसंद कर रहे हैं। शाम को भी उमस का असर बना रहता है। पंखे और कूलर चलाने पड़ रहे हैं।
15 अप्रैल तक शुष्क मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतर इलाकों में धूप खिली रहेगी। तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। पहाड़ों में सुबह के समय ठंड बनी रहेगी।
फिर बदलेगा मौसम
16 अप्रैल के बाद मौसम में फिर बदलाव के आसार हैं। मौसम विभाग ने पांच जिलों में बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। ऐसे में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पर्यटन को मिलेगा फायदा
पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। पर्यटक ठंडे मौसम का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं। होटल और होमस्टे में बुकिंग बढ़ रही है। स्थानीय कारोबार को लाभ मिल रहा है। पर्यटन सीजन शुरू होने से लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
फसलों पर असर
बेमौसम बारिश से रबी फसलों पर असर पड़ सकता है। कटाई के समय बारिश होने से फसल खराब हो सकती है। किसानों को फसल सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। ओलावृष्टि से बागवानी फसलों को भी नुकसान हो सकता है। किसान मौसम के पूर्वानुमान पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन की सलाह
प्रशासन ने लोगों से मौसम का पूर्वानुमान देखकर यात्रा करने की अपील की है। ऊंचाई वाले इलाकों में सावधानी बरतने को कहा गया है। बारिश के दौरान नदियों और नालों से दूर रहें। अलर्ट के समय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं।