उत्तराखंड में एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। शनिवार तड़के रुद्रप्रयाग जिले में भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.02 मापी गई। भूकंप का केंद्र रुद्रप्रयाग से करीब दस किलोमीटर पूर्व में था। झटके 10 से 15 सेकंड तक महसूस किए गए।
तड़के आया भूकंप
भूकंप शनिवार तड़के करीब 5:13 बजे आया। इसकी गहराई करीब 15 किलोमीटर नीचे बताई गई है। भूकंप के झटकों से लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। हालांकि किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं मिली। तड़के आए इस भूकंप ने लोगों को डरा दिया।
इससे पहले बागेश्वर में लगे थे झटके
पिछले छह दिनों में राज्य में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले रविवार को बागेश्वर में भूकंप के झटके लगे थे। बागेश्वर में भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई थी। तब भी किसी नुकसान की खबर नहीं थी। बागेश्वर के बाद अब रुद्रप्रयाग में धरती कांपी है।
पौड़ी में भी महसूस हुए झटके
इसी दौरान पौड़ी जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। यहां डेढ़ घंटे के भीतर दो बार धरती कांपी। इन झटकों से लोग दहशत में आ गए। हालांकि स्थिति सामान्य रही। प्रशासन ने लोगों को घबराने से मना किया है।
भूकंप का केंद्र और गहराई
भूकंप विज्ञानियों के अनुसार इस बार का केंद्र रुद्रप्रयाग के आसपास रहा। कम गहराई में आया भूकंप समीप के इलाकों में तेज महसूस होता है। इसलिए आसपास के जिलों में भी झटके दर्ज किए गए। जमीन के नीचे चट्टानों की हलचल से ये झटके आते हैं। विज्ञानियों ने इसे सामान्य भूकंपीय गतिविधि बताया है।
लोगों में दहशत
भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। कई लोग तड़के ही घरों से बाहर आ गए। सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। धीरे-धीरे लोगों का डर कम हुआ। किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं मिलने से लोगों ने राहत की सांस ली।
प्रशासन ने ली जानकारी
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने भूकंप की जानकारी ली। अधिकारियों ने सभी जिलों से स्थिति की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने बताया कि कहीं पर किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। राहत और बचाव टीमों को सतर्क रहने को कहा गया है। सभी जिलों में स्थिति सामान्य बनी हुई है।
संवेदनशील है पहाड़ी इलाका
उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। यहां जमीन के नीचे की चट्टानें सक्रिय रहती हैं। इसलिए बीच-बीच में भूकंप के झटके महसूस होते हैं। पहाड़ी क्षेत्र में बनी इमारतों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। विशेषज्ञ इसे सामान्य भूकंपीय गतिविधि बता रहे हैं।
क्या करें भूकंप के समय
भूकंप आने पर घबराना नहीं चाहिए। तुरंत किसी मजबूत मेज या बेड के नीचे छिप जाना चाहिए। खिड़कियों और भारी सामान से दूर रहना चाहिए। झटके रुकने के बाद ही खुले स्थान पर जाना चाहिए। लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
बचाव के लिए तैयारी
घरों में जरूरी दवाएं और प्राथमिक उपचार का सामान रखना चाहिए। आपदा प्रबंधन के नंबर हमेशा पास रखें। घर के सदस्यों के साथ मिलने का स्थान तय कर लें। प्रशासन की सलाह पर ही सुरक्षित स्थानों पर जाएं। पहले से तैयारी रहने पर ही ऐसी घड़ी में सुरक्षा मिल सकती है।