चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। यात्रा से पहले यमुनोत्री धाम के नोडल अधिकारी और पुलिस महानिरीक्षक अनंत शंकर ताकवाले ने यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। इधर हरिद्वार में बैसाखी पर्व पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हरकी पैड़ी पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
आईजी ने किया मार्ग निरीक्षण
आईजी अनंत शंकर ताकवाले ने डामटा, बड़कोट, पाली गाड़, डाबरकोट और जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक के मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण का मकसद यात्रा को सुगम बनाना है।
घोड़ा-खच्चर के लिए रोटेशन प्रणाली
यमुनोत्री पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी संचालन के लिए रोटेशन प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए। इससे मार्ग पर भीड़ नहीं लगेगी। संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। व्यवस्था से श्रद्धालुओं को सहूलियत मिलेगी। मार्ग पर आवाजाही सुचारु रखने पर जोर दिया गया।
भीड़ प्रबंधन पर जोर
आईजी ने भीड़ प्रबंधन के लिए वैकल्पिक मार्ग की योजना तैयार करने को कहा। संवेदनशील और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए। मार्ग पर साइनेज लगाने को भी कहा गया। सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों ने व्यवस्था का जायजा लिया।
हरिद्वार में बैसाखी का सैलाब
हरिद्वार में बैसाखी पर्व पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। हरकी पैड़ी समेत अन्य घाटों पर सुबह से ही भीड़ जुटी रही। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और दान किया। पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।
हर-हर गंगे से गूंजा वातावरण
घाटों पर हर-हर गंगे और जय मां गंगा के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालु विधि-विधान से स्नान कर भगवान का पूजन कर रहे हैं। लोग अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। पूरा क्षेत्र श्रद्धा और उल्लास से भरा रहा। प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखीं।
33 सेक्टरों में सुरक्षा
भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। हरिद्वार को 33 सेक्टरों में बांटकर पुलिस तैनात की गई। घाटों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई। किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। श्रद्धालुओं ने व्यवस्था पर संतोष जताया।
बैसाखी का कृषि से जुड़ाव
बैसाखी का त्योहार धार्मिक होने के साथ कृषि से भी जुड़ा है। इस समय गेहूं की फसल तैयार हो जाती है और कटाई शुरू होती है। किसान इस पर्व को खुशी से मनाते हैं। इस दिन खालसा पंथ की स्थापना भी हुई थी। इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी बड़ा है।
प्रशासन की तैयारी
चारधाम यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मार्गों की मरम्मत और सफाई का काम चल रहा है। श्रद्धालुओं के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। मार्ग पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील की है।