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उधम सिंह नगर

रुद्रपुर कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में फायरिंग, मचा हड़कंप

रुद्रपुर के एसबीएस डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के नामांकन के दौरान फायरिंग से हड़कंप मचा। पुलिस ने जांच शुरू की और परिसर में सुरक्षा बढ़ाई।

रुद्रपुर। जिले के एसबीएस डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के नामांकन के दौरान फायरिंग होने से परिसर में हड़कंप मच गया। जागरण की खबर के मुताबिक नामांकन के वक्त दो छात्र गुटों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो कहा जाता है कि अचानक मारपीट में बदल गई और बीच-बचाव में गोली चल गई। फायरिंग की आवाज से परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौजूद छात्र-छात्राएं जान बचाकर भागे।

नामांकन के दौरान अचानक बवाल

बताया जाता है कि छात्रसंघ चुनाव के लिए नामांकन भरने का काम चल रहा था, तभी दो पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए। ईटीवी भारत की खबर के मुताबिक गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई और इसी दौरान फायरिंग से अफरा-तफरी मच गई। परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई और कुछ देर तक घबराहट का माहौल रहा। चुनावी रंग के चलते कॉलेज पहले से ही ऊर्जा और भीड़ से भरा हुआ था, ऐसे में अचानक हुई घटना ने सबको सन्न कर दिया।

पुलिस का एक्शन और जांच

सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्थिति काबू में ली और परिसर के बाहर से लेकर आसपास के इलाके तक सुरक्षा बढ़ा दी। पुलिस के मुताबिक घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और फायरिंग में शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश जारी है। मौके से बरामद हुए सबूतों की जांच के साथ ही आसपास के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।

चुनावों में गुटबाजी का पुराना दबाव

छात्रसंघ चुनावों के दौरान कॉलेजों में गुटबाजी और तनाव की स्थिति आम तौर पर देखी जाती है। छात्र राजनीति में प्रतिस्पर्धा, पुरानी रंजिश और चुनाव के दौरान बाहरी लोगों के प्रवेश जैसे कारण मिलकर माहौल को खराब कर देते हैं। फायरिंग जैसी घटना इस बात की चेतावनी है कि नामांकन से लेकर मतदान तक हर चरण में सुरक्षा और निगरानी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। घटना के बाद अभिभावकों और छात्रों में चिंता भी देखी गई।

लिंगडोह नियमों की अनदेखी बनी चुनौती

छात्रसंघ चुनाव लिंगडोह आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कराए जाते हैं, जिनमें खर्च की सीमा, भव्य रैलियों और शोभा यात्राओं पर रोक तय है। विशिष्ट परिस्थितियों में ही चुनाव कराने की सिफारिश भी इन्हीं नियमों का हिस्सा है। लेकिन जमीनी स्तर पर इन दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है और रुद्रपुर की यह घटना दिखाती है कि निगरानी ढीली पड़ते ही स्थिति किस तरह बिगड़ सकती है।

प्रशासन का रुख

जिला प्रशासन के मुताबिक शिक्षण संस्थानों में शांति बनाए रखना प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने कॉलेज प्रशासन से चुनावी गतिविधियों के दौरान बाहरी लोगों के प्रवेश पर नजर रखने और किसी भी तनाव भरी स्थिति की तुरंत सूचना देने को कहा है। आगे के चरणों में अन्य शिक्षण संस्थानों में भी अतिरिक्त पुलिस बल और निगरानी रखे जाने की बात कही गई है, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो सके।