पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के रेड अलर्ट के चलते देहरादून और टिहरी गढ़वाल में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है, वहीं सीमांत इलाकों में भूस्खलन ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
टिहरी में 20 जुलाई के लिए रेड अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने टिहरी गढ़वाल में 20 जुलाई के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इसको देखते हुए जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल ने जनपद के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालयों तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सोमवार को एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है।
कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल रहेंगे बंद
जारी आदेश के अनुसार जनपद के समस्त शैक्षणिक संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र 20 जुलाई को पूर्णतः बंद रहेंगे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों, विद्यालय प्रबंधनों और प्रधानाचार्यों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं और उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
देहरादून में भी घोषित हुई छुट्टी
देहरादून जिले में भी कक्षा एक से बारह तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार भारी बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। जिला प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और मौसम की स्थिति को देखते हुए ही अवकाश का फैसला लिया गया। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को नदी-नालों और ढलानों के आसपास न जाने दें।
बागेश्वर-पिथौरागढ़ सीमा पर गिरीं चट्टानें
दैनिक भास्कर के मुताबिक बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले की सीमा से लगी रमाड़ी ग्राम पंचायत के मुनधुरा तोक में देर शाम भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गिरीं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
भेड़ुवा बगाड़ से 150 मीटर की दूरी पर हुई घटना
जानकारी के अनुसार भूस्खलन का यह क्षेत्र बागेश्वर जिले की कालापैर-कापड़ी ग्राम पंचायत के भेड़ुवा बगाड़ से लगभग 150 मीटर की दूरी पर स्थित है। घटना के समय तेजम तहसील कार्यालय के समीप मौजूद लोगों ने पहाड़ी से मलबा गिरते देखा और सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।
किसी के हताहत होने की सूचना नहीं
भेड़ुवा बगाड़ में करीब 12 परिवार निवास करते हैं और ग्रामीण पहले से ही आपदा के खतरे को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि लगातार बारिश से मिट्टी ढीली हो चुकी है। सीमांत क्षेत्रों में सक्रिय भूस्खलन और भारी वर्षा से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने ऐसे इलाकों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर विस्थापन की तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी आपदा प्रबंधन अधिकारी प्रवीण गोस्वामी ने पुष्टि की कि मलबा गिरने से किसी भी तरह की जनहानि या अन्य कोई क्षति नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र की निगरानी बढ़ाने और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।