देहरादून-ऋषिकेश फोर-सिक्स लेन सड़क परियोजना में पेड़ों के कटान को लेकर हो रहे विरोध के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा निर्णय लेते हुए प्रस्तावित कटान पर फिलहाल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
सभी पक्षों से सहमति बनने तक नहीं होगी कटाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति और विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक पेड़ों की कटाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से स्थानीय नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों और विभिन्न संगठनों की ओर से परियोजना को लेकर जो सुझाव और चिंताएं सामने आई हैं, उनका प्रदेश सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। संवाद के दौरान सभी वर्गों की राय सुनी जाएगी और उसी आधार पर आगे बढ़ा जाएगा।
नागरिकों और पर्यावरणविदों ने उठाए थे सवाल
ईटीवी भारत के मुताबिक भनियावाला और ऋषिकेश के बीच सड़क चौड़ीकरण के लिए तीन हजार पेड़ों को काटे जाने के मामले पर राज्य सरकार ने केंद्र से बात कर कटान पर फिलहाल रोक लगा दी है। राहुल गांधी ने अपने देहरादून दौरे पर इस मामले का संज्ञान लिया था, वहीं पर्यावरणविद् अनिल जोशी ने भी इस परियोजना पर सवाल खड़े किए थे।
प्रमुख सचिव को विस्तृत संवाद के निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों के साथ दोबारा विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए, ताकि सभी पक्षों की बात सुनकर आगे की कार्रवाई की जा सके।
वन्यजीवों के लिए बनेंगे हाथी अंडरपास और कल्वर्ट
बता दें कि देहरादून-ऋषिकेश मार्ग पर भनियावाला से ऋषिकेश के बीच सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है। इस परियोजना के तहत लगभग तीन हजार पेड़ काटे जाने का प्रस्ताव था, जिसका स्थानीय लोगों और पर्यावरण संगठनों ने पुरजोर विरोध किया। राज्य सरकार का कहना है कि विकास परियोजनाएं जनहित में हैं, लेकिन पर्यावरण की अनदेखी नहीं की जाएगी। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि परियोजना के दौरान वन्यजीवों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत वन्यजीवों के आवागमन के लिए हाथी अंडरपास और विशेष कल्वर्ट बनाए जाएंगे, जिससे जानवरों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे। इससे पहले भी वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों से सुझाव मिले थे।
एनएचएआई की महत्वपूर्ण परियोजना है यह सड़क
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून-ऋषिकेश फोर-सिक्स लेन परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई की महत्वपूर्ण परियोजना है। इस पर उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्यवाही की जा रही है।
संतुलन की कोशिश
सरकार के इस फैसले को पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि विस्तृत संवाद के बाद ही परियोजना पर अगली कार्रवाई तय की जाएगी। अब प्रमुख सचिव के नेतृत्व में हितधारकों के साथ विस्तृत संवाद होगा, जिसमें स्थानीय नागरिकों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि पर्यावरण संरक्षण और विकास दोनों साथ चलेंगे।