शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 देहरादून, उत्तराखंड
मेरा पहाड़ मेरी पहचान
ब्रेकिंग न्यूज़
20 हजार फीट पर देश का पहला हेली रेस्क्यू, गंगोत्री में 67 पर्वतारोही सुरक्षितअक्तूबर में केदारनाथ आ सकते हैं पीएम मोदी, पुनर्निर्माण कार्यों का लेंगे जायजाकुंभ 2027 की तैयारी: एआई और सर्विलांस से निगरानी, 32 सेक्टर व 10 स्नान पर्वसीएम धामी ने चंपावत में किया विज्ञान केंद्र का निरीक्षण, शारदा नदी फ्रंट प्रोजेक्ट का शिलान्यासचारधाम यात्रा के लिए ग्रीन कार्ड प्रक्रिया शुरू, वाहनों की होगी सख्त जांच
कृषि

उत्तराखंड में इस साल 4.25 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य, किसानों को 48 से 72 घंटे में मिलेगा भुगतान

उत्तराखंड में धान खरीद तेज, कुमाऊं मंडल के लिए 4.25 लाख टन का लक्ष्य, ई-खरीद पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को 48 से 72 घंटे में भुगतान।

उत्तराखंड में खरीफ सीजन की धान कटाई के साथ ही सरकारी खरीद प्रक्रिया तेजी से चल रही है। खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस वर्ष पूरे प्रदेश में कुल पांच लाख पच्चीस हजार टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा कुमाऊं मंडल को मिला है। नैनीताल जनपद के रामनगर से एटीवी भारत की रिपोर्ट के अनुसार खरीद की प्रक्रिया एक अक्टूबर से प्रदेश भर के क्रय केंद्रों पर चल रही है और किसानों को बेचे गए धान का भुगतान अब 48 से 72 घंटे के भीतर उनके खाते में आ जाता है।

पांच लाख से ज्यादा टन का राज्य स्तरीय लक्ष्य

सरकार ने इस वर्ष कुल पांच लाख पच्चीस हजार टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया है। इसमें कुमाऊं मंडल को चार लाख पच्चीस हजार टन और गढ़वाल मंडल को पचास हजार टन खरीद का लक्ष्य दिया गया है। खबर पहाड़ के समकक्ष विजन 2020 न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक यह लक्ष्य कच्चा आढ़तियों के माध्यम से पूरा किया जाना है और खरीद का काम ई-खरीद पोर्टल से जोड़कर संचालित हो रहा है।

एक अक्टूबर से चल रही है खरीद

प्रदेश भर में धान और मंडुवा की खरीद की प्रक्रिया एक अक्टूबर से आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। इसके लिए प्रदेश में कुल 625 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से कुमाऊं मंडल में 276 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। मौसम में सुधार आने के बाद किसानों ने खेतों में कटाई और बिक्री की गतिविधियों में तेजी दिखाई है, जिससे केंद्रों पर आवागमन बढ़ा है।

अब तक की खरीद और भुगतान की स्थिति

एटीवी भारत के मुताबिक खाद्य विभाग के आरएफसी चंद्र सिंह मार्तोलिया ने बताया कि अब तक किसानों को 80 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है और राज्य में 22 प्रतिशत धान की खरीद पूरी हो चुकी है। विभाग को उम्मीद है कि नवंबर के अंत तक पूरे लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा, जबकि खरीद की अंतिम तिथि दिसंबर के अंत में रखी गई है।

ई-खरीद पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी

किसानों की सुविधा और पारदर्शी भुगतान के लिए ई-खरीद पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। आरएफसी मार्तोलिया के अनुसार पोर्टल पर पंजीकृत किसानों का भुगतान 48 से 72 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किया जाता है। पंजीकरण के बाद किसान क्रय केंद्र पर अपनी उपज ले जाकर बिना किसी रुकावट के बेच पा रहे हैं।

इस बार का समर्थन मूल्य

इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य सामान्य श्रेणी के लिए 2369 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए श्रेणी के लिए 2389 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। विजन 2020 न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक महिला कृषकों, दिव्यांग कृषकों और छोटे किसानों का पंद्रह क्विंटल तक का धान क्रय केंद्रों पर प्रमुखता से खरीदा जाएगा।

किसानों के हित में सरकार के निर्देश

सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी किसान को भुगतान में देरी न हो और केंद्रों पर पारदर्शिता के साथ खरीद की जाए। जिलास्तरीय समितियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि विभाग इस बात को सुनिश्चित करने में जुटा है कि हर किसान को उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिले।