शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 देहरादून, उत्तराखंड
मेरा पहाड़ मेरी पहचान
ब्रेकिंग न्यूज़
20 हजार फीट पर देश का पहला हेली रेस्क्यू, गंगोत्री में 67 पर्वतारोही सुरक्षितअक्तूबर में केदारनाथ आ सकते हैं पीएम मोदी, पुनर्निर्माण कार्यों का लेंगे जायजाकुंभ 2027 की तैयारी: एआई और सर्विलांस से निगरानी, 32 सेक्टर व 10 स्नान पर्वसीएम धामी ने चंपावत में किया विज्ञान केंद्र का निरीक्षण, शारदा नदी फ्रंट प्रोजेक्ट का शिलान्यासचारधाम यात्रा के लिए ग्रीन कार्ड प्रक्रिया शुरू, वाहनों की होगी सख्त जांच
कृषि

धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: बसेंगे नए शहर, कृषि भूमि पर बनेगा रिसॉर्ट

धामी कैबिनेट ने वाणिज्यिक भूखंडों पर शत-प्रतिशत निर्माण, नई टाउनशिप, भूमि पूलिंग और कृषि भूमि पर रिसॉर्ट निर्माण को मंजूरी दी है।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में औद्योगिक और व्यावसायिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में शहरी क्षेत्रों में नियोजित विकास को गति देने और पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। मंत्रिमंडल ने भवन निर्माण नियमों में भी बड़ी राहत देने का फैसला किया है।

वाणिज्यिक भूखंडों पर शत-प्रतिशत निर्माण की अनुमति

कैबिनेट ने वाणिज्यिक भूखंडों पर व्यावसायिक और कार्यालय उपयोग के लिए निर्माण में भू-आच्छादन की बाध्यता समाप्त कर दी है। अब किसी व्यावसायिक भूखंड के कुल क्षेत्रफल में से सेटबैक छोड़ने के बाद जमीन पर 100 प्रतिशत निर्माण किया जा सकेगा, जबकि अब तक यह सीमा अधिकतम 75 प्रतिशत थी।

विशेष टाउनशिप के लिए टाउन प्लानिंग स्कीम में संशोधन

राज्य में स्पेशल टाउनशिप विकसित करने और नियोजित विकास को बल देने के लिए उत्तराखंड टाउन प्लानिंग स्कीम में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से भूमि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तराखंड भूमि पूलिंग योजना में किए जा रहे बदलाव को भी स्वीकृति दी गई, जिससे परियोजनाओं के लिए जमीन जुटाने में आने वाली अड़चनें दूर होंगी।

कृषि भूमि पर ही बन सकेगा रिसॉर्ट

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने इको-रिसॉर्ट की तरह रिसॉर्ट निर्माण के लिए भू-उपयोग परिवर्तन की बाध्यता भी समाप्त कर दी है। इसका मतलब है कि अब कृषि भूमि पर ही रिसॉर्ट का निर्माण किया जा सकेगा। इससे पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में पर्यटन आधारित निवेश को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

पहुंच मार्ग की चौड़ाई में दी गई राहत

रिसॉर्ट निर्माण के लिए पहुंच मार्ग की चौड़ाई के मानकों में भी राहत दी गई है। पर्वतीय क्षेत्र के लिए यह चौड़ाई छह मीटर और मैदानी क्षेत्र के लिए नौ मीटर कर दी गई है। भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के तहत मार्गों की चौड़ाई, व्यावसायिक भवनों के सेटबैक, भू-आच्छादन, फ्लोर एरिया रेशियो के साथ होटल की ऊंचाई और पार्किंग में स्टिल्ट की ऊंचाई से जुड़े प्रावधानों में संशोधन कर छूट दी गई है।

ग्रीन बिल्डिंग को मिलेगा अतिरिक्त एफएआर

नए भवनों में ग्रीन बिल्डिंग मानकों को प्रोत्साहित करने के लिए कैबिनेट ने अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो देने का अनुमोदन किया है। गोल्ड, सिल्वर और प्लेटिनम आधारित व्यवस्था बनाई गई है, जिसके अनुसार निर्माणकर्ताओं को तीन प्रतिशत तक अतिरिक्त एफएआर दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देना है।

पहाड़ी शैली के मकानों को प्रोत्साहन

नवीन भवनों में शीत छत, हरित छत और नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के प्रावधान भी किए गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में पहाड़ी शैली के मकान बनाने पर अतिरिक्त एफएआर देने का फैसला किया गया है। इससे पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला को संरक्षित करने में मदद मिलेगी और स्थानीय सामग्री पर आधारित निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगी गति

इन फैसलों का सीधा असर शहरी नियोजन, पर्यटन और कृषि क्षेत्र पर पड़ेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक नियमों में दी गई छूट से निर्माण गतिविधियां बढ़ेंगी और पर्यटन कारोबार को नया विस्तार मिलेगा। हालांकि इसके साथ ही यह भी जरूरी माना जा रहा है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अंधाधुंध निर्माण न हो, इसके लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत रखनी होगी।