पौड़ी। गजल्ड़ गांव में पिछले कई दिनों से दहशत फैला रहे आदमखोर गुलदार को बुधवार देर रात मार गिराया गया। प्रसिद्ध शिकारी जॉय हुकिल और वन विभाग की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर इस नरभक्षी को ढेर किया। इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, जो पिछले एक सप्ताह से भय के माहौल में जी रहे थे।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
गुलदार के मारे जाने की खबर फैलते ही गांव में चर्चा शुरू हो गई। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना और खेतों तक जाना तक मुश्किल हो गया था। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई पर संतोष जताया और कहा कि इससे इलाके में सामान्य जीवन लौटने की उम्मीद बढ़ी है।
गत सप्ताह हुआ था हमला
बीते गुरुवार को गजल्ड़ गांव में गुलदार ने 45 वर्षीय राजेंद्र नौटियाल को अपना शिकार बना लिया था। इसके बाद लगातार क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां नजर आ रही थीं और कई पालतू पशुओं पर भी हमले हुए। इन घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था और लोगों ने सुरक्षा की मांग को लेकर आवाज उठाई थी।
ग्रामीणों ने उठाई थी निजी शूटर की मांग
लगातार बढ़ रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की थी कि विभागीय शूटर के साथ-साथ एक निजी शूटर को भी तत्काल तैनात किया जाए। ग्रामीणों की चिंता को देखते हुए वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने दो शूटरों को क्षेत्र में तैनात किया, जिनमें मशहूर शिकारी जॉय हुकिल भी शामिल थे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।
ट्रैप कैमरे में कैद हुआ था गुलदार
गढ़वाल के डीएफओ अभिमन्यु सिंह ने बताया कि विभागीय टीम कई दिनों से गुलदार को ट्रैक कर रही थी। घटनास्थल और आसपास लगाए गए ट्रैप कैमरों में जो गुलदार कैद हुआ था, वही मारा गया है। उन्होंने बताया कि मारे गए गुलदार की उम्र लगभग पांच वर्ष है और यह मादा है।
नागदेव रेंज लाया गया, जांच जारी
कार्रवाई के बाद वन विभाग की टीम ने गुलदार को रेस्क्यू कर नागदेव रेंज पौड़ी पहुंचाया, जहां उसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। डीएफओ के मुताबिक मारे गए गुलदार का मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है, जिसके बाद आगे की औपचारिक कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि गुलदार ने किन परिस्थितियों में इंसानों पर हमले किए।
चौबट्टाखाल में भी हुआ था हमला
इसी बीच जिले के चौबट्टाखाल क्षेत्र में बीते बुधवार को गुलदार ने एक महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पौड़ी के विभिन्न विकासखंडों में लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीण दहशत में हैं। वन विभाग का कहना है कि जंगलों से सटे गांवों में गुलदार की आवाजाही बढ़ने के कारण सतर्कता के निर्देश जारी किए गए हैं।
वन विभाग की सतर्कता जारी
विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं और बच्चों तथा पालतू पशुओं पर विशेष ध्यान रखें। रात के समय बाहर निकलने से बचने और किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को देने की सलाह दी गई है। विभागीय टीमें इलाके में लगातार गश्त कर रही हैं और ट्रैप कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।