टिहरी जिले में बुधवार को दो अलग-अलग मामलों ने सुर्खियां बटोरीं। एक ओर जहां न्यायालय ने मारपीट और प्रताड़ना के मामले में पुलिस इंस्पेक्टर समेत दो आरोपितों को दो-दो साल की सजा सुनाई, वहीं दूसरी ओर कण्डीसौड़ तहसील के एक अग्निवीर जवान के रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने की गुमशुदगी दर्ज की गई है।
दिसंबर 2022 की घटना
नई टिहरी निवासी दीवान सिंह बागड़ी ने 16 दिसंबर 2022 को कोतवाली नई टिहरी में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि 14 दिसंबर की रात करीब साढ़े दस बजे उनका पुत्र नीरज बागड़ी अभिषेक शाह और सतीश चंद्र को घर छोड़कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान विक्की चौधरी और रजनीश सिंह शराब के नशे में तीव्र गति से कार लेकर आए, जहां ओवरटेकिंग को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई।
वर्दी का रौब दिखाकर की मारपीट
विवाद बढ़ने पर विक्की चौधरी और रजनीश सिंह ने विक्की के पिता पुलिस निरीक्षक सुखपाल सिंह को मौके पर बुला लिया, जो स्वयं भी शराब के नशे में धुत था। पुलिस अधिकारी ने वर्दी का रौब दिखाते हुए अभिषेक शाह और नीरज बागड़ी के साथ मारपीट की, जिसमें दोनों युवकों को गंभीर चोटें आईं। इसके बाद उन्हें रातभर कोतवाली में हिरासत में लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
अदालत ने सुनाई सजा
तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुखपाल सिंह और रजनीश सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी परवाज अख्तर ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकी साहनी की अदालत ने दोनों आरोपितों को चोट पहुंचाने के अपराध में छह-छह माह और गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में दो-दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
पांच-पांच हजार का अर्थदंड
अदालत ने दोनों आरोपितों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें दस-दस दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा। हालांकि अदालत ने संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आपराधिक धमकी देने की धाराओं में दोनों को दोषमुक्त कर दिया है।
अग्निवीर जवान लापता
दूसरे मामले में जनपद टिहरी गढ़वाल के कण्डीसौड़ तहसील के सांकरी गांव निवासी अग्निवीर सूरज भट्ट ड्यूटी पर लौटते समय रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। सूरज के पिता सोहनलाल भट्ट के अनुसार उनके बेटे ने अप्रैल 2024 में दार्जिलिंग में तैनाती के साथ अग्निवीर में भर्ती होकर सेवा शुरू की थी। वह 12 जून 2026 की शाम को घर पहुंचा और 16 जून को ड्यूटी पर जाने की बात कहकर घर से चला गया।
फोन हुआ स्विच ऑफ
कुछ दिन बाद सूरज का फोन स्विच ऑफ आने लगा। परिजनों ने दार्जिलिंग स्थित सैन्य यूनिट से संपर्क किया, तो पता चला कि वह वहां नहीं पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने 27 जून को थाना छाम में गुमशुदगी दर्ज कराई। थानाध्यक्ष दिलवर सिंह नेगी ने बताया कि दार्जिलिंग से जानकारी ली गई है और पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। सूरज की आखिरी लोकेशन ट्रेस करने के साथ ही जगह-जगह गुमशुदगी के इश्तिहार भी लगाए गए हैं।
परिजन परेशान, पुलिस सक्रिय
सूरज की गुमशुदगी के बाद से ही उसके परिजन परेशान हैं। टिहरी पुलिस अग्निवीर जवान सूरज की खोजबीन के लिए पूरे जोर-शोर से जुटी हुई है। थानाध्यक्ष दिलवर सिंह नेगी ने कहा कि इस मामले में सक्रियता से काम किया जा रहा है और जल्द ही सूरज भट्ट का पता लगा लिया जाएगा।