टिहरी जिले के नरेंद्रनगर क्षेत्र में कुंजापुरी-हिंडोलाखाल के पास सोमवार को बड़ा सड़क हादसा हुआ। गुजरात से आए श्रद्धालुओं को ले जा रही एक बस तीखे मोड़ पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बना सुरक्षा पैरापेट तोड़ते हुए गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पांच श्रद्धालुओं की मौत
मुख्य चिकित्साधिकारी टिहरी श्याम विजय के मुताबिक बस में कुल 18 लोग सवार थे। हादसे में पांच यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 13 यात्री घायल हुए हैं। घायलों में तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है, जबकि बाकी 10 घायलों का इलाज नरेंद्रनगर अस्पताल में चल रहा है।
एसडीआरएफ की पांच टीमें जुटीं
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ वाहिनी नियंत्रण कक्ष सक्रिय हो गया। सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर पोस्ट ढालवाला, पोस्ट कोटि कॉलोनी और वाहिनी मुख्यालय से कुल पांच टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। पहाड़ी मोड़ों वाले कठिन क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य में दिक्कतें आईं, लेकिन टीमों ने तुरंत घायलों को खाई से बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
चश्मदीदों ने क्या बताया
चश्मदीदों के मुताबिक बस तीखे मोड़ पर पहुंचते ही अचानक बेकाबू हो गई। प्राथमिक अनुमान है कि वाहन के ब्रेक फेल होने या चालक के नियंत्रण खोने से यह हादसा हुआ। बस चालक के भी घायल होने की सूचना है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने इलाके में वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए रोक दी है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद पीड़ादायक है और ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों को शांति मिले तथा उनके परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
कुंजापुरी मंदिर उत्तराखंड का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लगातार बढ़ते यातायात और तीखे मोड़ों वाले मार्ग को लेकर स्थानीय लोग कई बार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठा चुके हैं। इस हादसे ने एक बार फिर मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मोड़ों पर पैरापेट और साइनेज को और मजबूत करने की जरूरत है।
घायलों का अस्पताल में इलाज
हादसे में घायल सभी यात्रियों को नरेंद्रनगर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। गंभीर हालत वाले तीन यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक सभी घायलों की निगरानी की जा रही है और डॉक्टरों की टीमें तैनात हैं।
राहत कार्य में जुटा प्रशासन
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने घटनास्थल पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक खाई में फंसे लोगों को निकालने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने भी राहत कार्य में मदद की। मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बहाल करने का काम किया जा रहा है।