टिहरी। जिले में एडवेंचर पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पर्यटन विभाग के मुताबिक बागसैंण को पैराग्लाइडिंग साइट के रूप में विकसित करने की मंजूरी मिल गई है। इससे टिहरी झील और हिमालयी चोटियों के नजारों का लुत्फ उठाने वाले पर्यटकों को नई गतिविधि मिलेगी और टिहरी एडवेंचर के नक्शे पर हमेशा के लिए अपनी जगह बना लेगा।
बागसैंण की खासियत
विभाग के मुताबिक बागसैंण की ऊंचाई, खुला परिदृश्य और समतल उड़ान-क्षेत्र इसे पैराग्लाइडिंग के लिए अनुकूल बनाते हैं। यहां से टिहरी झील और बर्फ से ढकी चोटियों का नजारा एक साथ दिखता है, जबकि मौजूदा सड़क संपर्क से टूरिस्टों की पहुंच आसान रहती है। टिहरी बांध से बनी झील और आसपास की पहाड़ियां इस इलाके को पर्यटकों की पहली पसंद बनाती हैं। झील के आसपास वाटर स्पोर्ट्स और अन्य गतिविधियों के चलते पर्यटक पहले से आते हैं, इसलिए एडवेंचर प्रेमियों को आगे एक और विकल्प मिलेगा।
सुरक्षा मानकों पर जोर
अधिकारियों के मुताबिक साइट संचालन के लिए साफ मानक तय किए जाएंगे। प्रशिक्षित और प्रमाणित पायलट ही उड़ान कराएंगे और हेलमेट, हार्नेस जैसे उपकरणों की अनिवार्यता रहेगी। मौसम के अनुकूल न होने पर उड़ान पर रोक लगाई जाएगी। बीमा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था के प्रावधान भी नियमों का हिस्सा होंगे, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।
पहले भी आ चुका है चेतावनी भरा वाकया
सुरक्षा पर यह जोर इसलिए भी अहम है, क्योंकि अक्टूबर 2024 में टिहरी झील में एक प्रशिक्षण ले रहे पैराग्लाइडर के गिरने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने उसकी जान बचाई थी। उस वक्त उड़ान भरने वाला व्यक्ति ट्रेनिंग ले रहा था और नियमों के सख्त पालन की मांग जोर पकड़ती गई थी। अधिकारी मानते हैं कि प्रमाणित पायलट, उपकरण की जांच और मौसम आधारित रोक का सख्ती से पालन ही ऐसी घटनाओं से बचाएगा।
स्थानीय युवाओं को रोजगार की उम्मीद
एडवेंचर स्पोर्ट्स से स्थानीय युवाओं को गाइड, ट्रेनर, ट्रांसपोर्ट और होमस्टे संचालन जैसे काम मिलते हैं। विभाग का कहना है कि साइट शुरू होने से टिहरी में पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा, जिससे होमस्टे और खान-पान से जुड़े लोगों की कमाई का सीजन लंबा होगा। प्रदेश सरकार पहले से ही युवाओं को पैराग्लाइडिंग की ट्रेनिंग दिलाने की योजना चला रही है, जिसके तहत विदेशी पायलट ट्रेनिंग देने की बात कही गई है। बागसैंण साइट शुरू होने पर ट्रेनिंग ले चुके युवाओं को सीधा फायदा मिलेगा।
पर्यटकों को कैसा मिलेगा अनुभव
पैराग्लाइडिंग में पर्यटक प्रशिक्षित पायलट के साथ जुड़कर उड़ान भरते हैं और हवा में तैरते हुए पूरे इलाके का नजारा देख सकते हैं। टिहरी झील के नीले पानी और चारों ओर फैली हिमालयी चोटियों के बीच उड़ान का अनुभव इस साइट को प्रदेश की बेहतरीन जगहों में शुमार कर सकता है। जिले में राफ्टिंग और वाटर स्पोर्ट्स की पहले से मौजूद चहल-पहल के साथ यह गतिविधि टिहरी को एडवेंचर का पूरा पैकेज बना सकती है।
विभाग के मुताबिक साइट के विकास, बुनियादी सुविधाओं और संचालन नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ऑपरेटरों की चयन प्रक्रिया और उड़ान का शुल्क तय करने की बात कही गई है। अधिकारी यह भी मानते हैं कि मंजूरी मिलने के बाद अब जमीनी स्तर पर तैयारियों की गति ही तय करेगी कि पर्यटकों को उड़ान कब से मिल पाएगी।