देहरादून। राज्य आंदोलन के सपनों को आकार देने वाला उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। सरकार पूरे वर्ष को रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाने की तैयारी में जुटी है। इसी कड़ी में उत्तराखंड विधानसभा का एक दो दिवसीय विशेष सत्र आहूत किए जाने का निर्णय हुआ है। ईटीवी भारत के मुताबिक सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विधायी विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने सत्र की तिथियों के निर्धारण के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया है।
राज्य के रजत जयंती वर्ष के मौके पर आयोजित होने जा रहा यह सत्र देहरादून की परिसर स्थित विधानसभा में संपन्न होगा। सोमवार को लगी कैबिनेट की बैठक में आठ प्रस्तावों पर सरकार की मुहर लगी, जिनमें विशेष सत्र का प्रस्ताव भी शामिल रहा।
नवंबर के पहले सप्ताह की तैयारी
अमर उजाला के मुताबिक नवंबर के पहले सप्ताह में देहरादून विधानसभा में दो दिन का विशेष सत्र कराने की तैयारी है। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष पर आयोजित होने जा रहे इस सत्र की तिथि तय करने का अधिकार मुख्यमंत्री धामी को दिया गया है। सत्र के आह्वान की अधिसूचना राज्यपाल के आदेश से जारी की जाएगी।
रजत जयंती वर्ष का महत्व
उत्तराखंड राज्य का गठन 9 नवंबर 2000 को हुआ था। आगामी 9 नवंबर को राज्य को 25 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। इस अवसर पर सरकार पूरे वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। विधानसभा का विशेष सत्र इसी शृंखला की एक बड़ी कड़ी माना जा रहा है।
सत्र में होगी विकास यात्रा पर चर्चा
सरकार की मंशा के मुताबिक इस विशेष सत्र में राज्य गठन के बाद से हुए विकास कार्यों, आगामी चुनौतियों और भविष्य के लिए बनाए जा रहे रोडमैप पर विस्तृत चर्चा होगी। ईटीवी भारत के अनुसार मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रजत जयंती वर्ष में राज्य स्थापना के बाद की विकास यात्रा पर विधानसभा के मंच से चर्चा होगी, जिसके लिए विशेष सत्र बुलाया जा रहा है।
मॉनसून सत्र के बाद बड़ा कदम
उत्तराखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र अगस्त में गैरसैंण में संपन्न हुआ था। अनुपूरक बजट पेश करने के बाद सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। उस दौरान विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्र स्थगित किए जाने को लेकर जमकर हंगामा किया था और कई बिंदुओं पर चर्चा की मांग उठाई थी। ऐसे में अब राज्य सरकार का विशेष सत्र आहूत करने का निर्णय राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
देहरादून में होगा आयोजन
रजत जयंती वर्ष के इस खास सत्र का आयोजन देहरादून में ही किए जाने का निर्णय लिया गया है। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में हुए मॉनसून सत्र के बाद अब देहरादून में होने वाला यह सत्र प्रदेश की राजधानी में बड़े सार्वजनिक आयोजनों की तैयारियों को रफ्तार देगा। सत्र के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल की तैयारियों को भी विधानसभा अधिकारी अंतिम रूप देंगे।
तिथि की घोषणा जल्द
कैबिनेट के निर्णय के बाद अब विशेष सत्र की तिथियों की घोषणा का इंतजार है। मुख्यमंत्री को तिथि निर्धारण का अधिकार दिए जाने के बाद आगामी दिनों में सत्र के आह्वान की अधिसूचना जारी होने की संभावना है। रजत जयंती वर्ष की शुरुआत विशेष सत्र के साथ होगी, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है।