उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है और राजधानी देहरादून में इस अवसर को यादगार बनाने की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। जागरण के मुताबिक राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर दून में तीन से नौ नवंबर तक रजत जयंती सप्ताह मनाया जाएगा। इस पूरे सप्ताह के दौरान जिले में प्रतिदिन अलग-अलग थीम पर आधारित भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा और बुधवार को इनकी तैयारियों की समीक्षा के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में बड़ी बैठक हुई।
जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए रजत जयंती सप्ताह और स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जिला मुख्यालय के साथ ही ब्लाक और तहसील स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों की समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर आयोजन में आम लोगों की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि उत्सव शहर तक सीमित न रहे।
हर दिन की अपनी थीम
बैठक के मुताबिक रजत जयंती सप्ताह में नारी शक्ति दिवस, सुशासन दिवस, यूथ स्पोर्ट्स, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, बलिदानियों को नमन, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत, रोजगार दिवस, स्वदेशी खाद्य और विकास का सफर जैसे विषयों पर प्रतिदिन अलग कार्यक्रम होंगे। पूरे जनपद में इन थीम के आधार पर सांस्कृतिक और जन कल्याणकारी आयोजन किए जाएंगे।
नारी शक्ति और सुशासन दिवस
नारी शक्ति दिवस पर स्वयं सहायता समूहों और एनआरएलएम समूहों की ओर से तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। सुशासन दिवस पर प्रत्येक ब्लाक में वृहद बहुउद्देशीय शिविर आयोजित होंगे, जिनमें आम जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों को कैंपों में अधिकारी तैनात रखने के निर्देश दिए गए।
युवाओं के लिए एडवेंचर और जागरूकता
यूथ दिवस पर क्रॉस कंट्री दौड़, पैराग्लाइडिंग और हॉट बैलून सहित अन्य एडवेंचर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी देने के लिए आरबीआई की वर्कशॉप कराने की योजना भी बैठक में तय हुई। इसके अलावा नशामुक्ति, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन को लेकर वृहद स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
शिक्षण संस्थानों में प्रतियोगिताएं
जिलाधिकारी ने शिक्षण संस्थाओं में विजन-२०५० विषय पर गोष्ठी, निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित करने के निर्देश दिए। मकसद है कि युवा पीढ़ी राज्य के विकास के अगले 25 साल के सफर से जुड़े और उसमें अपनी सोच पेश करे। स्थापना दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
शहीदों के परिवारों को सम्मान
सप्ताह के दौरान अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण किया जाएगा। बलिदानियों के स्वजनों के साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित करने का कार्यक्रम भी तैयारियों में शामिल है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एडीएम केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, सीएमओ डॉ मनोज कुमार शर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी बृजेन्द्र पांडेय समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर 2000 को हुआ था और इस बार राज्य अपनी रजत जयंती मनाने जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सप्ताह भर के आयोजनों के जरिए राज्य की लोक संस्कृति, विकास यात्रा और जन भागीदारी को साझा उत्सव का रंग दिया जाएगा।