देहरादून। इस मानसून में लगातार हुई भारी बारिश ने राजधानी देहरादून को पर्यटन नगरी मसूरी से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर गहरे निशान छोड़ दिए हैं। लोक निर्माण विभाग के मुताबिक यह मार्ग अब 18 स्थानों पर क्षतिग्रस्त है, जहां धंसी सड़कें, गिरी चौड़ी दीवारें और पहाड़ों से आया मलबा आवाजाही में बार-बार रुकावट पैदा कर रहे हैं। दोनों शहरों के बीच रोज हजारों वाहनों की आवाजाही होती है, इसलिए क्षति का असर सीधे आम यात्रियों तक दिख रहा है।
राजधानी के लिए मंगलवार का दिन खासकर कठिन रहा। रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बीच मसूरी क्षेत्र में जगह-जगह भूस्खलन हुआ, सड़कें टूटीं, कई जगह पुल बह गए और बादल फटने से घरों, होटलों व दुकानों को नुकसान पहुंचा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी दौरान जिले में बारिश से जुड़े हादसों में तीन लोगों की जान चली गई। बचाव और सफाई में जुटी टीमों को सड़कें खोलने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
मसूरी में फंसे पर्यटक
देहरादून-मसूरी मार्ग सिर्फ दोनों शहरों को जोड़ने वाली सड़क भर नहीं है। गंगोत्री और यमुनोत्री धामों की ओर जाने वाले श्रद्धालु, उत्तरकाशी और चमोली जिलों की ओर निकलने वाले यात्री और मसूरी के सैकड़ों होटलों-रिसॉर्ट्स में ठहरने आए पर्यटक — सबका रास्ता इसी सड़क से होकर गुजरता है। भूस्खलन और धंसाव के चलते कई वाहन घंटों जगह-जगह फंसे रहे, तो कई यात्रियों को लंबे चक्कर काटकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। होटल व्यवसायियों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि कई पर्यटक सप्ताहांत की यात्रा रद्द कर रहे हैं।
पूरे राज्य की मुसीबत
यह सिर्फ एक मार्ग की कहानी नहीं है। सितंबर की शुरुआत में ही रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य के अलग-अलग जिलों में बारिश से सैकड़ों सड़कें बंद हो चुकी थीं। पर्यटन से चलने वाली पहाड़ी अर्थव्यवस्था के लिए रास्ता बंद होने का मतलब होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी और गाइड व्यवसाय पर सीधा असर है। मसूरी तहसील में उप जिलाधिकारी की देखरेख में राहत कार्य चलाए जा रहे हैं और क्षतिग्रस्त स्थलों का सर्वे कराया जा रहा है।
मरम्मत का काम शुरू
लोक निर्माण विभाग ने मरम्मत तेज कर दी है —
- धंसे हिस्सों की भराई और सुरक्षा दीवारों का निर्माण
- मलबा हटाने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनरी की तैनाती
- बारिश के दौरान यातायात रोककर सुरक्षित आवागमन के निर्देश
अधिकारियों का कहना है कि मानसून खत्म होने के बाद मार्ग की पूरी स्थिति का आकलन कराकर स्थायी मरम्मत का काम चलाया जाएगा। अभी प्राथमिकता रास्ता खुला रखने और यात्रियों की सुरक्षा की है। मौसम विभाग की ओर से पहाड़ी इलाकों में आगे बारिश की आशंका बनी हुई है, ऐसे में क्षतिग्रस्त जगहों पर फिर से मलबा आने का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि निकलने से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी जरूर लें, बारिश के समय खतरनाक जगहों पर न ठहरें और पुलिस व प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। प्रशासन के मुताबिक प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की प्रक्रिया भी चला रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि त्योहारों के सीजन से पहले मार्ग का स्थायी समाधान जरूरी है, वरना पर्यटन आधारित रोजगार को और नुकसान होगा।