उत्तराखंड में मंगलवार को एक तरफ हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की, तो दूसरी तरफ लगातार बारिश से प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में जनजीवन प्रभावित रहा। दोनों मामले सुर्खियों में रहे।
हिरासत में लेने पर हाईकोर्ट ने पुलिस को लताड़ा
नवभारत टाइम्स के मुताबिक उत्तराखंड हाईकोर्ट ने ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर 62 साल के प्रभात ध्यानी को हिरासत में लेने के लिए पुलिस को लताड़ा है। ध्यानी को हिरासत में तब लिया गया, जब वे दिल्ली में चल रहे एक छात्रों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे थे।
क्या विरोध में शामिल होना संज्ञेय अपराध
हाईकोर्ट के जस्टिस रवींद्र मैथानी और सिद्धार्थ साह की डिवीजन बेंच ने कहा कि देश में कहीं भी आने-जाने का अधिकार हर किसी को है। कोर्ट ने पूछा कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होना क्या कोई संज्ञेय अपराध है। पीठ ने कहा कि यह पुलिस की सरासर गुंडागर्दी और अराजकता के बराबर है।
संवैधानिक अधिकारों की रक्षा पर कोर्ट का सवाल
पीठ ने पुलिस से पूछा कि आप सरकार की छवि बचाने के लिए यहां हैं या लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए। कोर्ट ने कहा कि एक संवैधानिक व्यवस्था में नागरिकों के अधिकारों का सम्मान सर्वोपरि है और पुलिस को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए। हाईकोर्ट की इस टिप्पणी को नागरिक स्वतंत्रता और पुलिस की कार्यशैली से जुड़ा अहम फैसला माना जा रहा है। कानून विशेषज्ञों के मुताबिक शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत मूल अधिकार है और इसे बिना ठोस आधार के रोका नहीं जा सकता।
छह जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
दूसरी ओर पूरे उत्तराखंड में झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। देहरादूनवासियों को मंगलवार रात हुई झमाझम बारिश ने गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी। मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने जिलों में आपदा से निपटने के लिए मशीनरी और राहत दलों को तैनात रखने के निर्देश दिए हैं।
142 सड़कें बंद हुईं, 88 रह गईं अवरुद्ध
लोक निर्माण विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह राज्य में बारिश से बंद सड़कों की संख्या 135 थी, जो दिन में बढ़कर 142 तक पहुंच गई। देर सायं तक 54 सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया और अब बंद सड़कों की संख्या 88 रह गई है।
चमोली में सबसे ज्यादा सड़कें बाधित
लोनिवि की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को सर्वाधिक 37 सड़कें चमोली जिले में बंद हुईं। इसके अलावा उत्तरकाशी में 27, टिहरी में 17 और पौड़ी में 29 सड़कें बंद रहीं। सड़कें बाधित होने से पर्वतीय क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित रही और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रशासन ने आपदा से निपटने के लिए सभी जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय रखे हैं और राहत दलों को तैनात किया है।