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केदारनाथ मार्ग मुनकटिया में पत्थर गिरने से अवरुद्ध, बागेश्वर में 14 सड़कें बंद

रुद्रप्रयाग में केदारनाथ मार्ग मुनकटिया के पास पत्थर और मलबा गिरने से अवरुद्ध हो गया, यातायात रोका गया। बागेश्वर में लगातार बारिश से 14 सड़कें बंद रहीं।

उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होने के बाद पहाड़ी जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। इसी क्रम में गुरुवार सुबह रुद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम जाने वाला मोटर मार्ग मुनकटिया के पास पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के कारण अवरुद्ध हो गया। पिछले दो दिनों से पहाड़ी जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे ढलानों में नमी बढ़ने से भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियातन मार्ग पर यातायात और पैदल आवाजाही तत्काल प्रभाव से रोक दी।

मुनकटिया में सुबह हुआ हादसा

सोनप्रयाग-गौरीकुंड मोटर मार्ग पर मुनकटिया के पास सुबह करीब नौ बजकर चवालीस मिनट पर पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरा। दैनिक भास्कर के मुताबिक जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मलबा आने के कारण मार्ग पूरी तरह बाधित हुआ है। संबंधित विभाग की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ बड़े पत्थर और मलबा हटाने के काम में जुटी हैं।

मार्ग खुलने के बाद बहाल होगा यातायात

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मार्ग पूरी तरह सुचारु और सुरक्षित होने के बाद ही यातायात फिर से शुरू किया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और मार्ग खुलने की आधिकारिक सूचना का इंतजार करें। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों से मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है।

बागेश्वर में 14 मोटर सड़कें बंद

उधर बागेश्वर जिले में भी लगातार बारिश और भूस्खलन का असर दिख रहा है। जागरण के मुताबिक जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी प्रवीण गोस्वामी ने बताया कि बुधवार सुबह तक जिले की 14 मोटर सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। इनमें कांडा-रावतसेरा-बसपाठन, खातीगांव-कपूरी, चौंरा-भैरू और जैसर-रियूनी-लखमार सहित कई मार्ग शामिल हैं।

स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे

बारिश के चलते जिले में कक्षा एक से बारहवीं तक के स्कूल तथा आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहे। गोमती और सरयू नदियों में भारी मात्रा में सिल्ट आने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। हिमालयी गांवों में बिजली और संचार सेवाएं भी चरमरा गई हैं।

गरुड़ में सबसे अधिक वर्षा दर्ज

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बागेश्वर में 25 मिमी, गरुड़ में 60 मिमी और कपकोट में 32 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जिले में औसत वर्षा 39 मिमी रही। सरयू नदी का जलस्तर 865.85 मीटर पर स्थिर है, जबकि गोमती का जलस्तर 863.60 मीटर दर्ज किया गया और उसमें बढ़ोतरी का रुझान है। दोनों नदियां अभी चेतावनी और खतरे के स्तर से नीचे बह रही हैं।

नदी किनारों पर न जाने की अपील

लगातार दूसरे दिन बारिश के चलते प्रशासन ने आम लोगों से नदी किनारों पर न जाने की अपील की है। बागेश्वर में सरयू और गोमती के जलस्तर पर निरंतर नजर रखी जा रही है। आपदा नियंत्रण कक्ष के अनुसार किसी भी असामान्य स्थिति या जलस्तर बढ़ने की सूचना तत्काल दी जानी चाहिए, ताकि समय रहते राहत कार्य शुरू किया जा सके।

पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी की अपील

अधिकारियों ने लोगों से बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से तत्काल संपर्क करने को कहा गया है। जिले में बारिश का दौर अभी थमने की संभावना कम है।