चारधाम यात्रा से जुड़ी दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। केदारनाथ धाम की हेली सेवाओं का संचालन मानसून के चलते बंद कर दिया गया है। दूसरी ओर ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक डंपर नदी में गिर गया। इन घटनाओं से यात्रा मार्गों पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन लगातार मार्गों की निगरानी कर रहा है।
केदारनाथ हेली सेवाओं पर रोक
डीजीसीए ने बाबा केदारनाथ धाम की हेली सेवाओं के संचालन पर पंद्रह सितंबर तक रोक लगा दी है। यात्रा शुरू होने के साथ बाईस अप्रैल से शटल सेवाओं का संचालन शुरू हुआ था। हेली सेवाएं पच्चीस जून तक संचालित की गईं। आगामी मानसून सीजन के दस्तक की संभावना को देखते हुए हेली सेवाओं के संचालन की अनुमति नहीं दी गई।
अब 15 सितंबर के बाद शुरू होगी सेवा
अधिकारियों के अनुसार अब करीब पंद्रह सितंबर के बाद एक बार फिर हेली सेवाओं का संचालन शुरू हो सकता है। पहले चरण में हेली टिकटों की बुकिंग बाईस अप्रैल से पंद्रह जून तक के लिए की गई थी। मानसून न पहुंचने के चलते दूसरे चरण में सोलह जून से पच्चीस जून तक के लिए सेवाओं को विस्तार दिया गया था। यात्रियों की सुविधा के लिए यह फैसला लिया गया था। हेली सेवा बंद होने से श्रद्धालुओं को पैदल मार्ग से यात्रा करनी होगी।
बदरीनाथ हाईवे पर हादसा
इधर चमोली जिले में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा हादसा हुआ। शनिवार दोपहर बाद करीब तीन बजे एक डंपर पहाड़ी से सीधे नीचे नदी में गिर गया। हादसा गौचर-कर्णप्रयाग के बीच पंचपुला के पास हुआ। डंपर कालेश्वर से गौचर की ओर जा रहा था, तभी चालक का नियंत्रण खो गया। वाहन बेकाबू होकर हाईवे से नदी में जा गिरा। नदी में गिरता हुआ डंपर वहां से गुजर रहे लोगों ने देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सर्च ऑपरेशन जारी
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। अंधेरा अधिक होने के कारण देर रात तक सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया। रविवार सुबह से फिर से अभियान शुरू किया गया। डंपर का पता लगाने के लिए टीमें नदी किनारे अभियान चला रही हैं। गोताखोरों की मदद भी ली जा रही है।
यात्रियों के लिए सतर्कता जरूरी
मानसून के दौरान पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और फिसलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं। प्रशासन ने यात्रियों से सतर्कता बरतने की अपील की है। बारिश के समय नदी-नालों के पास रुकने से बचें। वाहन चलाते समय गति सीमित रखें और मौसम की जानकारी लेकर ही सफर शुरू करें।
यात्रा का हाल
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने के आसार हैं। इससे यात्रा मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है और मार्ग बंद होने की स्थिति भी बन सकती है। एजेंसियों को मार्गों की सफाई और सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं से अपील है कि वे प्रशासन की सलाह का पालन करें। यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें।