उत्तराखंड के किसानों के लिए शुक्रवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर स्थित गांधी मैदान में कृषि विभाग की ओर से आयोजित भव्य कार्यक्रम में ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर क्षेत्र के विकास के लिए 369.66 करोड़ रुपये की कुल 41 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
दीप प्रज्ज्वलित कर हुई शुरुआत
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि मंत्री गणेश जोशी और जनपद प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा मौजूद रहे। सभी नेताओं ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान सांसद अजय भट्ट भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की भी मौजूदगी रही।
किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं
अभियान के तहत किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में क्लीन प्लांट सेंटर सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की गई। किसानों को बीज, खाद और तकनीक की उपलब्धता आसान बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही फसल विविधीकरण और बागवानी को बढ़ावा देने की बात कही गई।
41 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
कार्यक्रम में जिन 41 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ, उनमें सिंचाई, संपर्क मार्ग और कृषि अधोसंरचना से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इनसे जिले के ग्रामीण इलाकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार योजनाओं का क्रियान्वयन तय समयसीमा में पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए भी तंत्र बनाया गया है।
किसानों ने रखी मांगें
कार्यक्रम में पहुंचे किसानों ने अपनी समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखीं। गन्ना और धान की खरीद से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई। किसानों ने समय पर भुगतान और बीमा योजनाओं के लाभ की मांग उठाई। अधिकारियों ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
टिहरी के गांव आज भी सड़क से वंचित
इधर टिहरी जिले में विकास की एक अलग तस्वीर सामने आई। जिले के देवप्रयाग के अंतर्गत धार पयांकोटी-कुनियाड़-रतकली क्षेत्र के ग्रामीण आजादी के 79 साल बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग पूरी न होने से ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। बार-बार सर्वे होने के बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया।
निकाला मशाल जुलूस
नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार रात जिला पंचायत सदस्य उत्तम सिंह असवाल के नेतृत्व में विशाल मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सड़क न बनने से क्षेत्र के अधिकांश ग्रामीण पलायन कर चुके हैं। जो लोग गांवों में रह गए हैं, वे आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मोटर मार्ग की घोषणा वर्ष 2017-18 में हुई थी, लेकिन सात साल बाद भी काम शुरू नहीं हुआ।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क बनने से पलायन रुकेगा और पहाड़ की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में भी आज भी दिक्कतें आती हैं। प्रशासन ने मामले में सर्वे कराने का भरोसा दिया है।