टिहरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री अपने कार्यकाल में पहली बार टिहरी पहुंचेंगे। इस दौरे को विकास, पर्यटन और राजनीति तीनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टिहरी आने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे मोदी
भाजपा विधायक किशोर उपाध्याय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी अपने कार्यकाल में टिहरी आने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की जनसभा को ऐतिहासिक बनाने और रिकॉर्ड संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है।
1000 मेगावाट परियोजना का होगा लोकार्पण
प्रधानमंत्री टिहरी बांध की 1000 मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) परियोजना का लोकार्पण कर सकते हैं। यह परियोजना करीब आठ हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी है। इसका संचालन टीएचडीसी करती है और यह राज्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम मानी जा रही है।
देश की पहली वेरिएबल स्पीड पीएसपी योजना
यह देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज योजना है। इसके शुरू होने से टिहरी बांध की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़कर 2400 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। इससे ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
14 अप्रैल को होना था लोकार्पण
पहले इस परियोजना का लोकार्पण 14 अप्रैल को प्रस्तावित था। लेकिन टिहरी परियोजना के ऐतिहासिक महत्व और स्थानीय लोगों की भावनाओं को देखते हुए इसे अलग से लोकार्पित करने का निर्णय लिया गया। अब प्रधानमंत्री स्वयं टिहरी आकर इस योजना का शुभारंभ करेंगे।
पुनर्वास और रॉयल्टी के मुद्दे
प्रधानमंत्री के दौरे से स्थानीय लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। बांध प्रभावित परिवारों की पुनर्वास से जुड़ी लंबित समस्याएं और रॉयल्टी का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है। लोगों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करेंगे।
फिकवाल समुदाय को ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग
क्षेत्रीय विकास के साथ ही प्रतापनगर क्षेत्र के फिकवाल समुदाय को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल किए जाने की मांग भी उठ रही है। स्थानीय लोगों की निगाहें इन मुद्दों पर टिकी हुई हैं। विधायक ने बताया कि इन मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और पीएमओ को मांग पत्र भेजा गया है।
चुनावी माहौल में अहम संदेश
अगले वर्ष उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में टिहरी में होने वाली यह जनसभा भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। टिहरी और उत्तरकाशी जिले की नौ विधानसभा सीटों में से सात पर भाजपा का कब्जा है। प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास योजनाओं को गति देने के साथ एक राजनीतिक संदेश भी देगा।
तैयारियों को लेकर जारी हुए निर्देश
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी निर्देश जारी किए हैं। टीएचडीसी के अधिकारियों और जिला प्रशासन को कार्यक्रम की तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं। टिहरी बांध और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। आम जनता की भागीदारी के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां चल रही हैं और पीएमओ की ओर से आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा का अब सभी को इंतजार है।