उत्तराखंड में मौसम के तेवर एक बार फिर बदलने वाले हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन यानी 9 और 10 मई को मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश बढ़ेगी। हालांकि यह राहत बस कुछ ही समय की है, क्योंकि 11 मई से प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा।
दो दिन मैदानों में बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग (आईएमडी) देहरादून के मुताबिक अगले दो दिन यानी 9 और 10 मई को मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ेगी। इस दौरान पारा पांच डिग्री तक चढ़ सकता है। मैदानी क्षेत्रों में सूरज की तपिश भी तेज होगी।
11 मई से दस्तक देगा नया पश्चिमी विक्षोभ
विभाग के निदेशक डॉ. चंद्र सिंह तोमर ने बताया कि 11 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पूरे प्रदेश को प्रभावित करेगा। इसके चलते पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम करवट लेगा। प्रदेश में उतार-चढ़ाव वाला मौसम आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।
आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर
नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में आंधी चलने की आशंका है। इसके साथ बारिश और ओलावृष्टि का दौर भी शुरू हो सकता है। पहाड़ी इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। विभाग ने लोगों से मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने को कहा है।
केदारनाथ जैसे ऊंचे इलाकों में गिरा पारा
केदारनाथ जैसे ऊंचे इलाकों में ठंड का आलम बना हुआ है। यहां पारा काफी नीचे आ गया है। पहाड़ी इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का असर साफ नजर आ रहा है। कई जगहों पर तापमान में गिरावट के कारण मई में दिसंबर जैसा मौसम बना हुआ है।
लौटा दो दशक पुराना मौसमी पैटर्न
उत्तराखंड में करीब दो दशक पुराना मौसमी पैटर्न लौट आया है। पिछले कुछ दिनों से पहाड़ से मैदान तक जगह-जगह हल्की से मध्यम वर्षा के दौर हो रहे हैं। इससे मई के दूसरे सप्ताह में भी गर्मी से राहत बनी हुई है।
अप्रैल के अंत में पारा पहुंचा था रिकॉर्ड स्तर पर
अप्रैल के अंतिम सप्ताह में पारा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। उसी समय मौसम का मिजाज बदला और राहत बरसने लगी। उत्तराखंड में देहरादून और मसूरी कभी इसी तरह के मौसम के लिए मशहूर थे। आगे भी प्रदेश में मिला-जुला मौसम देखने को मिल सकता है।
पर्वतीय क्षेत्रों में छाए रहेंगे बादल
पर्वतीय क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। देहरादून समेत आसपास के इलाकों में भी आंशिक बादल मंडरा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा रही है।
किसानों और बागवानों के लिए सलाह
बदलते मौसम को देखते हुए किसानों और बागवानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ओलावृष्टि से फसलों और फलों को नुकसान की आशंका रहती है। विशेषज्ञों ने फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय करने और मौसम अपडेट पर नजर रखने को कहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि फसलों की कटाई-मड़ाई का काम मौसम साफ होने पर ही करें। बागवानों को फलों के बगीचों में ओलावृष्टि से बचाव के इंतजाम पहले से कर लेने की सलाह दी गई है।