हरिद्वार में बकरीद के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर नमाज अदा नहीं की जाएगी और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ पोस्ट वायरल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। खुले में कुर्बानी का अवशेष या कचरा फेंकने पर भी कार्रवाई होगी।
नमाज का समय तय
मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती सलीम ने बताया कि बकरा ईद की नमाज सुबह 7 बजकर 45 मिनट पर ईदगाह में अदा की जाएगी। जो लोग इस नमाज से रह जाएंगे, उनके लिए सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर कब्रिस्तान मस्जिद में नमाज होगी। धर्मगुरुओं ने नियमों के पालन की अपील की है और कहा है कि किसी भी सूरत में सड़क पर नमाज न की जाए।
कुर्बानी के अवशेष को लेकर निर्देश
मुफ्ती सलीम ने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि किसी को परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि अगर कोई घर में कुर्बानी करता है तो अवशेषों को खुले में न छोड़ा जाए, बल्कि गड्ढा खोदकर दबा दिया जाए। नालियों और आसपास की सफाई पर भी ध्यान देने को कहा गया है।
सौहार्द बनाए रखने की अपील
प्रशासन और धर्मगुरुओं की ओर से अपील की गई है कि सभी लोग मिलजुलकर भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाएं और कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
बकरीद का धार्मिक महत्व
बकरीद यानी ईद उल अजहा को मुस्लिम समुदाय में कुर्बानी का पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन हजरत इब्राहिम ने अल्लाह के आदेश पर अपने पुत्र की कुर्बानी देने का इरादा किया था, जिसके बाद अल्लाह ने उनकी नीयत कुबूल करते हुए एक जानवर की कुर्बानी का हुक्म दिया। इस पर्व पर समाज के सभी वर्गों के लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं।
कानून व्यवस्था पर नजर
एसएसपी ने बताया कि त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की विशेष तैनाती रहेगी और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। सभी थानों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
इस बीच मौसम का हाल
इस बीच उत्तराखंड में मौसम का रुख भी बदल रहा है। मैदानी जिलों में तेज धूप और गर्म हवाओं से लोग परेशान हैं, जबकि पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पारा सामान्य से ऊपर बना हुआ है और अगले एक से दो दिनों तक गर्मी से राहत की संभावना कम है।
आने वाले दिनों का अनुमान
मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन से पांच दिनों में तापमान में धीरे-धीरे करीब पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है। इस दौरान पर्वतीय जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने त्योहार के दौरान मौसम की जानकारी लेते रहने और भीड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी है।