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चमोली

चारधाम यात्रा: ईंधन संकट गहराया, पेट्रोल 100 के पार; पंजीकरण केंद्रों पर उमड़ी भीड़ से हंगामा

चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचने से ईंधन संकट गहरा गया। हरिद्वार को छोड़ सभी जिलों में पेट्रोल 100 रुपये के पार, बदरीनाथ-केदारनाथ मार्ग पर पंप सूखे।

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचने के साथ ही दो बड़ी समस्याएं एक साथ सामने आ गई हैं। एक तरफ यात्रा मार्गों पर पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत है, तो दूसरी तरफ रजिस्ट्रेशन को लेकर हरिद्वार और ऋषिकेश के केंद्रों पर श्रद्धालुओं की भीड़ व्यवस्था पर भारी पड़ रही है।

ईंधन की कीमतों में चौथी बढ़ोतरी

पश्चिम एशिया संकट के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। देहरादून में पेट्रोल 100.50 रुपये और डीजल 95.90 रुपये प्रति लीटर हो गया है। प्रदेश में हरिद्वार को छोड़ शेष सभी जिलों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के पार चली गई है। पिछले 11 दिनों में यह चौथी बढ़ोतरी है। 15 मई से जारी संशोधन के तहत अब तक पेट्रोल-डीजल करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।

बदरीनाथ-केदारनाथ मार्ग पर पंप सूखे

सबसे ज्यादा दिक्कत चारधाम यात्रा मार्ग पर देखने को मिल रही है। बदरीनाथ धाम में पेट्रोल और डीजल की लिमिट तय कर दी गई है। यहां 800 रुपये का पेट्रोल और एक हजार रुपये का डीजल मिल रहा है। कई पंप सूखे पड़े हैं, जिससे यात्रियों को लंबी दूरी तक इंतजार करना पड़ रहा है। तेल कंपनियों के अनुसार इस बढ़ोतरी के बाद भी उन्हें नुकसान हो रहा है, ऐसे में कीमतों में और इजाफा हो सकता है।

पंजीकरण केंद्रों पर हंगामा

हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान स्थित अस्थायी रजिस्ट्रेशन सेंटर में भारी भीड़ के बीच दोपहर बाद पंजीकरण प्रक्रिया रोक दी गई, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को निराश होकर लौटना पड़ा। कई यात्रियों का आरोप है कि वे पूरी रात लाइन में खड़े रहे, लेकिन उनका नंबर नहीं आया। ऋषिकेश में भी पंजीकरण को लेकर अफरा-तफरी रही। अलग-अलग राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच लाइन में आगे बढ़ने को लेकर कहासुनी हुई, जो धक्का-मुक्की में बदल गई। इस बीच एक महिला यात्री बेहोश हो गईं।

यात्रियों की मांग

यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बेहतर प्रबंधन और पर्याप्त इंतजाम की मांग की है। उनका कहना है कि यात्रा के चरम सीजन में काउंटरों की संख्या और स्टाफ बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार न करना पड़े। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या का असर अब हरिद्वार और ऋषिकेश के पंजीकरण केंद्रों तक दिखने लगा है।

यात्रियों के लिए सलाह

प्रशासन की ओर से यात्रियों से अपील की गई है कि वे ऑनलाइन पंजीकरण को प्राथमिकता दें और भीड़भाड़ वाले समय में केंद्रों पर न पहुंचें। ईंधन की स्थिति को देखते हुए यात्रा शुरू करने से पहले अपने वाहन का टैंक भरवाना और मार्ग की ताजा जानकारी लेना जरूरी है।

श्रीनगर समेत कई जगह पंप सूखे

चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव श्रीनगर के पांच में से चार पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल समाप्त हो गया। ज्योतिर्मठ के एकमात्र पंप पर पेट्रोल खत्म होने से नाराज यात्रियों ने पुलिस के सामने नारेबाजी की। पीपलकोटी पंप पर भी तेल नहीं मिला, जबकि रुद्रप्रयाग और पीपलकोटी के अलावा श्रीनगर में यात्रियों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा। चमोली प्रशासन ने चारपहिया वाहनों के लिए एक हजार रुपये तक ईंधन देने की सीमा तय कर दी है।

महंगाई का असर आम आदमी पर

पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार कीमतों में इस वृद्धि के बावजूद तेल कंपनियों को रोजाना करीब 600 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, इसलिए दाम और बढ़ सकते हैं। डीजल महंगा होने से सब्जी, दूध और फल की ढुलाई लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर किराना और रोजमर्रा की चीजों के दाम पर पड़ेगा। ऑटो, टैक्सी और बस किराए में भी वृद्धि की संभावना है।