रविवार, 11 अक्टूबर 2026 देहरादून, उत्तराखंड
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उत्तरकाशी

उत्तराखंड में मैदानी इलाकों में 40 डिग्री की गर्मी, आठ जिलों में बारिश का यलो अलर्ट

उत्तराखंड में मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है। वहीं उत्तरकाशी, चमोली समेत आठ जिलों में बारिश का यलो अलर्ट और बद्रीनाथ में ताजा बर्फबारी हुई है।

उत्तराखंड में अप्रैल में ही गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। बद्रीनाथ धाम में ताजा बर्फबारी से ठंड लौट आई है। मौसम विभाग ने आठ जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

मैदानी जिलों में भीषण गर्मी

देहरादून से लेकर मैदानी जिलों तक सूरज की तपिश बढ़ गई है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है। लू के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। दोपहर में सड़कें वीरान नजर आती हैं। लोग ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं।

बद्रीनाथ में लौटी ठंड

बद्रीनाथ धाम में नर-नारायण और नीलकंठ पर्वतों पर ताजा बर्फबारी हुई है। इससे धाम में कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। बदरी विशाल के कपाट खुलने से पहले पहाड़ों का यह मिजाज प्रशासन के लिए चुनौती है। श्रद्धालुओं को ठंड से बचाव करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं।

आठ जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत आठ जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ओलावृष्टि की भी संभावना है। पहाड़ी इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी जारी रहेगी। तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

पहाड़ों में उमस और धूप

पहाड़ी क्षेत्रों में धूप और बादलों के बीच उमसभरी स्थिति बनी हुई है। दिन में गर्मी महसूस होती है। शाम को मौसम ठंडा हो जाता है। ऐसे मौसम में लोगों को बीमारियों का खतरा रहता है। सुबह और शाम के तापमान में बड़ा अंतर दर्ज किया जा रहा है।

फसलों पर असर

ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है। पकी हुई फसलें गिर सकती हैं। किसानों को फसल सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। बागवानी फसलों की निगरानी जरूरी है। नुकसान होने पर प्रशासन को सूचित करने की अपील की गई है। कृषि विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है। किसानों को मुआवजे की प्रक्रिया भी बताई जा रही है।

ऊंचाई वाले मार्गों पर सावधानी

बर्फबारी से ऊंचाई वाले मार्गों पर फिसलन हो सकती है। यात्रा मार्गों पर सावधानी बरतनी चाहिए। वाहन चालकों को धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने मार्गों की निगरानी बढ़ाई है। जरूरत पड़ने पर मार्ग बंद करने का फैसला भी हो सकता है।

पर्यटकों में उत्साह

बर्फबारी से पर्यटकों में उत्साह है। लोग बर्फ का दीदार करने पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं। होटल और होमस्टे में बुकिंग बढ़ रही है। स्थानीय कारोबार को लाभ मिल रहा है। पर्यटक ठंडे मौसम का पूरा आनंद ले रहे हैं।

प्रशासन की सलाह

प्रशासन ने लोगों से मौसम का पूर्वानुमान देखकर यात्रा करने की अपील की है। गर्मी में धूप से बचाव करें। पहाड़ों में सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े रखें। ओलावृष्टि के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसी भी परेशानी में प्रशासन को सूचित करें।