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पौड़ी

उत्तराखंड में तीन दिन में छह बार भूकंप, बागेश्वर में पांच बार डोली धरती

उत्तराखंड में बीते तीन दिनों में छह बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। बागेश्वर जिले में पांच बार धरती डोली। मंगलवार को बागेश्वर में 2.6 तीव्रता का भूकंप आया।

उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से संवेदनशील राज्य है। बीते तीन दिनों के भीतर यहां छह बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इनमें से पांच बार धरती बागेश्वर जिले में डोली। मंगलवार सुबह यहां फिर भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इसकी तीव्रता 2.6 मैग्नीट्यूड थी।

मंगलवार को फिर डोली धरती

मंगलवार सुबह 10 बजकर 6 मिनट पर बागेश्वर में भूकंप आया। इसकी तीव्रता बहुत कम रही। इसलिए झटके महसूस नहीं किए गए। भूकंप का केंद्र जमीन की सतह के नजदीक था। किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

तीन दिन में छह झटके

बीते तीन दिनों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में छह बार भूकंप दर्ज किए गए। इनमें बागेश्वर जिले में पांच बार धरती डोली। लगातार आ रहे झटकों को लेकर लोगों में चर्चा है। हालांकि सभी झटकों की तीव्रता कम रही। वैज्ञानिक इसे अध्ययन का विषय बता रहे हैं।

बागेश्वर में सबसे अधिक झटके

बागेश्वर जिले में सबसे ज्यादा भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिले के अलग-अलग हिस्सों में धरती कांपी। स्थानीय लोगों ने झटकों को लेकर चिंता जताई। प्रशासन ने घबराने की जरूरत नहीं बताई है। लोगों से अफवाह न फैलाने की अपील की गई है।

सोमवार को पौड़ी में भी झटके

इससे पहले सोमवार को पौड़ी और बागेश्वर जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। पौड़ी में भूकंप की तीव्रता हल्की रही। झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। जानमाल के नुकसान की खबर नहीं थी। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी।

भूकंप की वजह

उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में आता है। यहां जमीन के नीचे की चट्टानें सक्रिय रहती हैं। इन चट्टानों की हलचल से भूकंप आते हैं। इसलिए राज्य को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। पहाड़ी इलाकों में यह गतिविधि आम बात है।

वैज्ञानिकों की नजर

भूकंप विज्ञानी इन गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं। उनके अनुसार ऐसे झटके सामान्य प्रक्रिया हैं। लेकिन लंबे समय तक लगातार झटके चिंता का विषय बन सकते हैं। वे इन आंकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं। इससे भूकंपीय पैटर्न समझने में मदद मिलेगी।

प्रशासन अलर्ट पर

प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर हैं। सभी जिलों से स्थिति की जानकारी ली जा रही है। राहत और बचाव टीमों को तैयार रहने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

भूकंप के समय क्या करें

भूकंप आने पर घबराना नहीं चाहिए। मजबूत मेज या बेड के नीचे छिप जाना चाहिए। खिड़कियों और भारी सामान से दूर रहना चाहिए। झटके रुकने के बाद ही बाहर निकलना चाहिए। प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

बचाव की तैयारी

घरों में जरूरी दवाएं और प्राथमिक उपचार का सामान रखें। आपदा प्रबंधन के नंबर पास रखें। घर के सदस्यों के साथ मिलने का स्थान तय कर लें। भारी सामान दीवारों से सटाकर न रखें। प्रशासन की सलाह पर ही सुरक्षित स्थानों पर जाएं।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

बागेश्वर के ग्रामीण इलाकों में लोग भूकंप के झटकों को लेकर सतर्क हैं। कई लोगों ने बताया कि झटके हल्के थे। लेकिन बार-बार झटके आने से डर बना हुआ है। लोग रात में सतर्क रहने की बात कह रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिलाया है।