पौड़ी। जिले में मानव और वन्यजीव संघर्ष के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भालू और गुलदार के हमलों से ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। जिले में अब तक भालू 12 लोगों को अस्पताल पहुंचा चुका है, जबकि एक व्यक्ति की जान भी चली गई है। इसी कड़ी में खिर्सू ब्लॉक में गुलदार ने एक महिला की जान ले ली है।
भालू ने बदली अपनी आदत
आमतौर पर सर्दियों के मौसम में भालू हाइबरनेशन यानी शीतनिद्रा में चले जाते हैं, लेकिन इस बार स्थिति उलट नजर आ रही है। भालू जंगल की गहराई में जाने के बजाय आबादी वाले इलाकों में घूम रहे हैं। वन विभाग के अनुसार भालू बस्तियों के आसपास असामान्य रूप से ज्यादा समय तक सक्रिय हैं, जिससे लोगों में डर और चिंता बनी हुई है।
इन क्षेत्रों में बढ़ी भालू की सक्रियता
पैठाणी रेंज, कल्जीखाल और थलीसैंण क्षेत्रों में भालू की सक्रियता तेजी से बढ़ी है। बीते सालों में इन इलाकों में भालू की आवाजाही बहुत कम थी, लेकिन अब मात्र दो महीनों में गतिविधियां कई गुना बढ़ गई हैं। पैठाणी रेंज में भालू ने कई मवेशियों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया, जबकि कुछ मवेशियों की मौत भी हो गई।
वन विभाग ने गठित की विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने एक विशेष टीम का गठन किया है, जो प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही है। भालू को ट्रेंकुलाइज करने के लिए सभी आवश्यक उपकरणों के साथ टीम तैनात रही। कुछ समय के लिए भालू की गतिविधियां थमी थीं, लेकिन कुछ दिन बाद फिर उसकी मौजूदगी दर्ज की गई और कैमरा ट्रैप में भालू कैद भी हुआ।
खिर्सू में गुलदार ने ली महिला की जान
खिर्सू ब्लॉक के कोटी गांव में गुलदार ने एक महिला को अपना निवाला बनाया। रोजाना की तरह गिन्नी देवी गुरुवार शाम घर से लगभग तीन सौ मीटर दूर खेतों की ओर घास काटने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गुलदार ने इतनी तेजी से हमला किया कि उन्हें बचने का कोई मौका नहीं मिला।
गांव में शोक और दहशत का माहौल
गुलदार के हमले की सूचना गांव में पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग जंगल के आसपास जाने से भी डर रहे हैं। ग्रामीणों ने लगातार बढ़ रहे गुलदार के आतंक पर चिंता जताते हुए प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है।
वन विभाग की टीम पहुंची घटनास्थल
हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। टीम गुलदार की गतिविधियों का पता लगाने के साथ क्षेत्र में सुरक्षा उपाय बढ़ाने पर काम करेगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से एहतियात बरतने, अकेले जंगल या सुनसान इलाकों में न जाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की अपील की है।
थलीसैंण में जंगल जाने से कतरा रहे लोग
थलीसैंण क्षेत्र में भी भालू की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। स्थानीय लोग सुबह और शाम खेतों तथा रास्तों पर जाते हुए दहशत में हैं। ग्रामीणों को डर है कि कहीं भालू उन पर हमला न कर दे, इस वजह से लोग घास, चारा पत्ती, जलावन लकड़ी और बिछावन के लिए जंगल जाने से कतरा रहे हैं।
पहले भी हुए हैं हमले
बीती 17 नवंबर को भी भालू ने बीरोंखाल ब्लॉक के जिवई गांव में एक महिला पर हमला किया था। हमले में महिला के चेहरे पर गहरे घाव हो गए और उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। ग्रामीण अब खेतों में भी जाने से डर रहे हैं।