देहरादून। पूर्व भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बेटे दिव्य प्रताप सिंह पर मारपीट करने और पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पीड़ित पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे आर. यशवर्धन हैं, जिन्होंने राजपुर थाने में तहरीर दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी और उसके साथ मौजूद गनर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गनर को निलंबित कर दिया है।
14 नवंबर की रात हुई घटना
यशवर्धन के मुताबिक घटना 14 नवंबर की रात की है। वे दिलाराम चौक से साईं मंदिर की ओर जा रहे थे, तभी पैसिफिक मॉल के पास एक लैंड क्रूजर और एक बोलेरो ने उनकी कार को पास लेने की कोशिश की। रास्ता संकरा होने के कारण वे उन्हें पास नहीं दे सके, जिसके बाद दोनों वाहनों में सवार लोग आगे बढ़ गए।
मसूरी डायवर्जन के पास रोकी गाड़ी
आरोप है कि मसूरी डायवर्जन के पास दोनों वाहनों ने उनकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया और गालीगलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। यशवर्धन का दावा है कि इस दौरान एक व्यक्ति ने उन पर पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से शिकायत की।
तिरंगे पर लात मारने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक उनकी शर्ट पर लगे तिरंगे पर आरोपी के साथ मौजूद गनर राजेश सिंह ने लात मारी। गनर की आधिकारिक तैनाती हरिद्वार में थी, लेकिन वह देहरादून में आरोपी के साथ घूम रहा था। इस आरोप के बाद पुलिस ने गनर को निलंबित कर उसके खिलाफ भी केस दर्ज किया है।
सीसीटीवी फुटेज के बाद बढ़ाई गई धाराएं
तहरीर के आधार पर पुलिस ने दिव्य प्रताप सिंह और कांस्टेबल राजेश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले में सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा भी बढ़ा दी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरोपियों की पहचान को लेकर कोई संशय नहीं बचा है।
शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट
पुलिस ने दिव्य प्रताप सिंह के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी हरिद्वार को रिपोर्ट भेजी है। हरिद्वार जिले में तैनात गनर का बिना अनुमति दूसरे जिले में निजी व्यक्ति के साथ रहना भी जांच का विषय बन गया है। विभाग ने गनर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने दी जानकारी
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि मामला मसूरी डायवर्जन के ऊपरी हिस्से का है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच में आरोपियों की पहचान की पुष्टि हो चुकी है और गनर को निलंबित कर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
कड़ी कार्रवाई की उठ रही मांग
वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश के लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय स्तर पर भी लोगों का कहना है कि प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए और जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जानी चाहिए।