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चंपावत

कुंभ 2027: हरिद्वार में बनेगा 32 सेक्टरों वाला अस्थायी शहर, चंपावत को मिलीं 115 करोड़ की 43 योजनाएं

हरिद्वार में कुंभ 2027 के लिए 32 सेक्टरों वाले अस्थायी शहर का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है, वहीं सीएम धामी ने चंपावत में 115 करोड़ की 43 योजनाओं का लोकार्पण किया।

कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में बड़ा फैसला लिया गया है। एबीपी लाइव और ईटीवी भारत की रिपोर्ट के मुताबिक मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए एक अस्थायी शहर बसाया जाएगा, जबकि इसी दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी विधानसभा चंपावत में विकास योजनाओं की सौगात दी।

कुंभ के लिए केंद्र को भेजा प्रस्ताव

कुंभ 2027 की तैयारियां जोरों पर हैं। हरिद्वार में बनने वाले अस्थायी शहर में बत्तीस सेक्टर होंगे। राज्य सरकार ने इस संबंध में केंद्र को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं का जिक्र किया गया है।

अस्थायी शहर में क्या-क्या होगा

एबीपी लाइव की खबर के मुताबिक इस शहर में थाना, अस्पताल और सूचना केंद्र बनाया जाएगा। यानी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को पुलिस से लेकर इलाज तक की सुविधा एक ही परिसर में मिलेगी। कुंभ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने को सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है, इसलिए अस्थायी शहर की योजना को अहम माना जा रहा है।

कल्पवासियों के ठहराव की चुनौती

मेले में कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है। इनके ठहरने और सुविधाओं का प्रबंध बत्तीस सेक्टरों वाले इस शहर में किए जाने की योजना है। प्रशासन के मुताबिक सेक्टरों का बंटवारा भीड़ के प्रबंधन को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

कचरा प्रबंधन की बड़ी चुनौती

स्वच्छता कुंभ मेले की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है। अभी हरिद्वार में रोजाना करीब दो सौ अस्सी मीट्रिक टन कचरा निकलता है। मेले के दौरान यह मात्रा बढ़कर पांच सौ बयासी मीट्रिक टन प्रतिदिन तक पहुंच सकती है। ऐसे में कचरा निपटान और सफाई व्यवस्था की पूरी योजना अलग से बनाई जा रही है।

सफाई व्यवस्था का बड़ा बजट

स्वच्छता को सबसे बड़ी चुनौती मानते हुए मेला प्रशासन ने एक सौ इकसठ करोड़ अठारह लाख रुपए की लागत से संसाधनों का खाका तैयार किया है। इसमें दस कॉम्पैक्टर वाहन, पचास टिपर, पचहत्तर ई-रिक्शा और शौचालय निपटान के लिए छह फीकल स्लज मशीनें शामिल बताई गई हैं। इसके अलावा टेंट हाउस में एक सौ पचास कैंप बनाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

चंपावत में 115 करोड़ की 43 योजनाएं

इसी दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी विधानसभा चंपावत के दौरे पर रहे। उन्होंने चंपावत को आदर्श विधानसभा बनाने के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में लगभग एक सौ पंद्रह करोड़ तेईस लाख रुपए लागत की तैंतालीस विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

लोकार्पण और शिलान्यास का बंटवारा

ईटीवी भारत के मुताबिक इनमें लगभग इक्यावन करोड़ सैंतीस लाख रुपए की बाईस योजनाओं का लोकार्पण किया गया। वहीं लगभग तिरसठ करोड़ छियासी लाख रुपए की इक्कीस योजनाओं का शिलान्यास किया गया। इन योजनाओं में सड़क, भवन, पेयजल और जनसुविधाओं से जुड़े काम शामिल बताए गए।

कार्यकर्ताओं से संवाद और जनसंपर्क

मुख्यमंत्री ने जीजीआईसी के ऑडिटोरियम में भाजपा कार्यकर्ताओं के संवाद कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने जिले के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। सीएम धामी ने कहा कि यह विकास यात्रा आदर्श चंपावत के सपने को साकार करने की ओर मील का पत्थर साबित होगी।