उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में हवाई संपर्क को नई रफ्तार मिल गई है। जागरण के मुताबिक क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत हल्द्वानी से अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ से मुनस्यारी के बीच हेली सेवाओं की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से इन सेवाओं के लिए हरी झंडी दिखाई। दोनों मार्गों पर सेवा सप्ताह के सातों दिन प्रतिदिन दो बार संचालित होगी।
किराया और बुकिंग की व्यवस्था
दोनों रूटों पर प्रति सीट किराया 2500 रुपये निर्धारित किया गया है। जागरण के अनुसार सेवा का संचालन हेरीटेज एविएशन कंपनी करेगी और यात्री कंपनी की वेबसाइट से अपनी सीट की बुकिंग कर सकते हैं। khabardarshan.com की रिपोर्ट में भी यही किराया और बुकिंग का माध्यम बताया गया है। दिन में दो बार की उड़ानों से स्थानीय लोगों को अपनी जरूरत के हिसाब से समय चुनने की सुविधा मिलेगी।
घंटों का सफर मिनटों में
सड़क मार्ग से इन दूरीों तक पहुंचने में आमतौर पर तीन से छह घंटे लगते हैं। khabardarshan.com के मुताबिक हेली सेवा शुरू होने से यही सफर अब कुछ ही मिनटों में पूरा हो सकेगा। मानसून में सड़कों के अवरुद्ध हो जाने या भूस्खलन की स्थिति में हवाई मार्ग दूरस्थ गांवों और तहसीलों के लिए भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकता है। आपात स्वास्थ्य परिवहन के लिहाज से भी यह सुविधा अहम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री का पर्यटन से जोड़ा तर्क
मुख्यमंत्री धामी ने शुभारंभ के मौके पर कहा कि अल्मोड़ा और मुनस्यारी उत्तराखंड के प्राचीन नगर होने के साथ ही ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर हैं। जागरण के अनुसार उन्होंने कहा कि ये शहर प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक मंदिरों और समृद्ध संस्कृति के लिए देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। उनके मुताबिक हेली सेवा से पर्यटकों की पहुंच आसान होगी और पर्यटन व आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
उड़ान योजना का प्रदेश में विस्तार
मुख्यमंत्री ने इन सेवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उड़ान योजना से जोड़ते हुए कहा कि इस योजना ने प्रदेश में हवाई संपर्क मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया है। जागरण के मुताबिक उन्होंने बताया कि योजना के तहत राज्य में 18 हेलीपोर्टों से सेवाओं के संचालन की दिशा में कार्य हो रहा है, जिनमें से अब तक 12 पर हेली सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों का आवागमन सुगम होने की उम्मीद जताई गई है।
पहले से जुड़े हेलीपोर्ट
khabardarshan.com की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक सेवाओं से जुड़े हेलीपोर्टों में गौचर, मसूरी, हल्द्वानी, पिथौरागढ़, मुनस्यारी, नैनीताल, बागेश्वर और पंतनगर जैसे स्थान शामिल हैं। नए दोनों रूट जुड़ने के बाद कुमाऊं के पहाड़ी जनपदों का हवाई नेटवर्क पहले से कहीं घना हो गया है। सर्दियों के दौरान ऊंचाई वाले इलाकों में आवाजाही कठिन हो जाती है, ऐसे में हेली सेवा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
बड़े एयरपोर्ट्स का विस्तार भी जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के प्रयास भी जारी हैं। हेली सेवाओं और बड़े एयरपोर्ट्स के विस्तार को राज्य सरकार आपस में जोड़कर देख रही है, ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक सीधे पहाड़ के भीतर तक पहुंच सकें। आने वाले समय में अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को भी हेली नेटवर्क से जोड़ने की बात कही गई है।