देहरादून। प्रदेश में उड़ान योजना के तहत तीन नई हेली सेवाएं शुरू हो गई हैं। ये सेवाएं देहरादून से टिहरी, टिहरी से श्रीनगर और श्रीनगर से गौचर के बीच संचालित होंगी। छह दिसंबर शनिवार से शुरू हुई इस सेवा का संचालन हेरिटेज एविएशन करेगी, जिससे पहाड़ के दूरस्थ हिस्सों तक हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।
दिन में दो बार होगी उड़ान
सेवा दिन में दो बार संचालित होगी। पहली उड़ान देहरादून के जौलीग्रांट से सुबह सवा दस बजे नई टिहरी के लिए रवाना होगी। इस सेक्टर का किराया दो हजार रुपये रखा गया है। हेलीकॉप्टर में सीमित संख्या में ही सवारी मिल सकेगी, जिसके लिए यात्रियों को पहले से बुकिंग करानी होगी।
श्रीनगर और गौचर के लिए तय समय
टिहरी से श्रीनगर के लिए यह सेवा सुबह साढ़े दस बजे उड़ान भरेगी और इसका किराया एक हजार रुपये होगा। श्रीनगर से गौचर के लिए हेलीकॉप्टर सुबह पौने ग्यारह बजे रवाना होगा, जिसका किराया भी एक हजार रुपये है। इस तरह देहरादून से गौचर तक की पूरी यात्रा तीन पड़ावों में पूरी होगी।
वापसी की उड़ानें भी तय
वापसी में हेलीकॉप्टर गौचर से श्रीनगर के लिए सुबह ग्यारह बजे उड़ान भरेगा। श्रीनगर से टिहरी के लिए सेवा सवा ग्यारह बजे और टिहरी से देहरादून के लिए साढ़े ग्यारह बजे रवाना होगी। दोपहर की उड़ान में हेलीकॉप्टर ढाई बजे देहरादून से टिहरी के लिए निकलेगा और तीन बजे गौचर पहुंचेगा।
पर्वतीय इलाकों के लिए बड़ी सौगात
पहाड़ी जिलों में सड़क यात्रा में लगने वाला लंबा समय देखते हुए यह हेली सेवा किसानों, मरीजों और पर्यटकों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। गढ़वाल के दूरस्थ गांवों से देहरादून पहुंचने में बरसात और बर्फबारी के दौरान घंटों का समय लगता है। हवाई सेवा शुरू होने से आपात स्थितियों में मरीजों को जल्द अस्पताल पहुंचाना भी आसान होगा।
पर्यटन को भी मिलेगी गति
गौचर और आसपास के इलाके बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी जैसे स्थलों के लिए पड़ाव माने जाते हैं। हेली सेवा के चलने से इन मार्गों पर आने वाले पर्यटकों को कम समय में सफर करने का विकल्प मिलेगा। स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि इससे होमस्टे और ट्रैवल कारोबार को भी फायदा पहुंचेगा।
सेवा का दायरा बढ़ने की उम्मीद
प्रदेश में उड़ान योजना के तहत पहले से कई सेक्टरों पर हेली सेवाएं चल रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों की संख्या बढ़ने पर सेवा का दायरा और आवृत्ति बढ़ाई जा सकती है। आने वाले दिनों में अन्य दूरस्थ इलाकों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है, जिससे पहाड़ में आवागमन की समस्या कम हो सके।
किराया और बुकिंग की प्रक्रिया
यात्रियों को सेवा का लाभ लेने के लिए हेरिटेज एविएशन के माध्यम से पहले से बुकिंग करानी होगी। सवारी की क्षमता सीमित रहने के कारण त्योहारों और पर्यटन सीजन में सीटों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही यात्रियों को रिपोर्टिंग करनी होगी, ताकि उड़ान तय समय पर संचालित हो सके।