उत्तराखंड बोर्ड का हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम घोषित हो गया है। इस बार भी बोर्ड परीक्षा में बेटियों का दबदबा रहा। हाईस्कूल का कुल परिणाम 92.10 प्रतिशत रहा। इंटरमीडिएट का परिणाम भी बेहतर रहा। पिथौरागढ़ जिले ने प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
हाईस्कूल में लड़कियों का दबदबा
हाईस्कूल परीक्षा में बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.07 रहा। वहीं बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.03 दर्ज किया गया। इस तरह बालिकाओं ने बालकों से आगे रहकर बाजी मारी। यह लगातार दूसरा वर्ष है जब बेटियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। शिक्षा विभाग ने इसे सुखद बदलाव बताया है।
प्रदेश के टॉपर
हाईस्कूल में अक्षत गोपाल 98.20 प्रतिशत अंकों के साथ टॉपर रहे। इंटरमीडिएट में गीतिका पंत और सुशीला ने 98.00 प्रतिशत अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। तीनों की मेहनत और लगन ने उन्हें यह मुकाम दिलाया। परिवारों में खुशी का माहौल है।
पिथौरागढ़ ने किया कमाल
पिथौरागढ़ जिले में हाईस्कूल का परिणाम 96.25 प्रतिशत रहा। इंटरमीडिएट का परिणाम 94.11 प्रतिशत दर्ज किया गया। जिले ने ऑलओवर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। हाईस्कूल में 12 छात्र-छात्राओं ने वरीयता सूची में स्थान बनाया। इंटर में 5 स्टूडेंट ने प्रदेश की टॉप टेन सूची में जगह बनाई।
शिक्षा विभाग की मेहनत
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु नौंगाई के अनुसार परीक्षा परिणाम काफी अच्छा रहा। पूरे प्रदेश में जिला दूसरे स्थान पर रहा। शिक्षकों की मेहनत का असर नतीजों में दिखा है। स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं चलाई गई थीं। अभिभावकों के सहयोग से यह नतीजा हासिल हुआ।
स्कूलों में जश्न का माहौल
परिणाम आने के बाद स्कूलों में जश्न का माहौल है। सरस्वती बालिका इंटर कालेज में छात्राओं को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई गई। प्रधानाचार्या रेखा जोशी ने बच्चों को बधाई दी। शिक्षकों ने भी छात्रों की मेहनत की सराहना की। अभिभावकों ने एक-दूसरे को मिठाई बांटी।
बागेश्वर ने रचा इतिहास
बागेश्वर जिले के छात्रों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। जिले के बच्चों ने प्रदेश की मेरिट सूची में जगह बनाई। शिक्षकों का कहना है कि नियमित अभ्यास और मार्गदर्शन से यह मुकाम मिला। ग्रामीण इलाकों के बच्चों ने भी बेहतर नतीजे दिए। यह जिले के लिए गर्व की बात है।
आगे की पढ़ाई की तैयारी
अब छात्रों के सामने आगे की पढ़ाई का लक्ष्य है। सफल छात्र अब अपने विषय के अनुसार कॉलेज और कोर्स चुन रहे हैं। विशेषज्ञों ने रुचि के अनुसार ही करियर चुनने की सलाह दी है। अभिभावकों से भी बच्चों का सहयोग करने को कहा गया है। नए सत्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार
बेहतर परिणाम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार दिख रहा है। सरकारी स्कूलों के छात्र भी मेरिट में आ रहे हैं। शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया जा रहा है। स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। इससे आने वाले वर्षों में और बेहतर नतीजे की उम्मीद है।
बच्चों के लिए प्रेरणा
इन नतीजों से छोटे बच्चों को भी प्रेरणा मिली है। कड़ी मेहनत और लगन से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। शिक्षक छात्रों को प्रेरित कर रहे हैं। अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। शिक्षा विभाग ने भी छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं।