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कृषि

टिहरी में अतिवृष्टि से तबाही, बिलौंदी पुल के पास दुकानों में घुसा पानी और मलबा

टिहरी में दोपहर बाद तेज बारिश से बिलौंदी पुल के पास करीब दस दुकानों में पानी और मलबा घुस गया। बेमौसमी बारिश से प्रदेश में 522 किसानों को नुकसान हुआ है।

टिहरी जिले में अतिवृष्टि ने जमकर कहर बरपाया है। दोपहर बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। बिलौंदी पुल के पास ऊपर की सड़क के नीचे बनी दुकानों की छतों से पानी अंदर घुस गया। दुकानों के आगे मलबे के ढेर जमा हो गए।

नौघर गांव में अतिवृष्टि का पानी बना मुसीबत

जौनपुर ब्लॉक में धनोल्टी तहसील क्षेत्र के नौघर गांव में अचानक हुई अतिवृष्टि का पानी मुसीबत बन गया। पानी के तेज बहाव ने आसपास के इलाकों में दहशत फैला दी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मुआवजे और सुरक्षा की मांग की है।

दुकानदारों को हुआ नुकसान

बिलौंदी पुल के पास दुकानों में पानी घुसने से दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा। सामान गीला होने और मलबा भरने से कारोबार प्रभावित हुआ। दुकानदारों ने बारिश के दौरान नाले की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।

प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन

मौसम साफ होने के बाद प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू किया। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। क्षति का आकलन पूरा होने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

प्रदेश में बेमौसमी बारिश से फसल बर्बाद

कृषि निदेशालय के आंकड़ों के मुताबिक 1 अप्रैल से 5 मई के बीच प्रदेश में लगभग 179.47 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। इस दौरान 522 किसानों की फसलें प्रभावित होने की सूचना विभाग को मिली है। बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से यह नुकसान हुआ है।

तीन जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान

नुकसान सबसे अधिक टिहरी, पौड़ी गढ़वाल और पिथौरागढ़ जिलों में दर्ज किया गया है। इन जिलों में किसानों की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों के मुताबिक नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को पंजीकरण या बीमा कराना जरूरी है।

किसानों से की गई अपील

किसानों से अपील की गई है कि वे फसल नुकसान की भरपाई के लिए पंजीकरण या बीमा अवश्य पूरा करें। इससे उन्हें सरकारी सहायता लेने में आसानी होगी। कृषि विभाग ने किसानों से नुकसान की जानकारी समय पर देने को कहा है।

मौसम विभाग ने दी चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि का दौर अभी जारी रहेगा। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना है। अधिकारियों ने लोगों से मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी है।

सावधानी बरतने की सलाह

प्रशासन ने ढलान वाले इलाकों और नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भूस्खलन और पानी भरने जैसी घटनाओं को देखते हुए सतर्कता जरूरी है। आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय रखे गए हैं।

बाजार में मलबा और जलभराव से बढ़ी परेशानी

बिलौंदी पुल बाजार में पानी और मलबा कुलवीर सिंह की दुकान सहित आसपास की करीब दस दुकानों में घुस गया। सामान खराब होने से दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा। जौनपुर क्षेत्र में अचानक हुई तेज बारिश से अगलाड़ नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। शाम करीब तीन से चार बजे के बीच क्षेत्र में बहुत तेज बारिश हुई।

राज्य मार्ग पर कुछ देर फंसे रहे कैबिनेट मंत्री

सड़क पर पानी और मलबा भरने से नगुण-भवान-देहरादून स्टेट हाईवे काफी देर तक अवरुद्ध रहा। इस कारण वहां से जा रहे कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी और धनोल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार कुछ घंटों तक फंसे रह गए। बाद में जेसीबी मशीन से मलबा हटाकर मार्ग सुचारू किया गया। राजस्व उप निरीक्षक अब्बुज चौधरी ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया।