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पिथौरागढ़: नैनीसैनी एयरपोर्ट के उच्चीकरण-विस्तारीकरण को मंजूरी, अब यहां से उड़ान भरेंगे 72 सीटर विमान

पिथौरागढ़ के नैनीसैनी एयरपोर्ट के उच्चीकरण के प्रस्ताव को शासन से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है, उच्चीकरण के बाद यहां से 72 सीटर विमान उड़ान भरेंगे।

पिथौरागढ़। सीमांत जिले के नैनीसैनी एयरपोर्ट के लिए बड़ी खुशखबरी है। एयरपोर्ट के उच्चीकरण के प्रस्ताव को राज्य सरकार से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है, जिसके बाद यहां से 72 सीटर विमान उड़ान भर सकेंगे। anantawaz.com के मुताबिक भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के प्रस्ताव को शासन से हरी झंडी मिल गई है और एयरपोर्ट को थ्री-सी श्रेणी में उच्चीकृत किया जा रहा है। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन अब एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेगा।

टू-सी से थ्री-सी श्रेणी में उच्चीकरण

चीन और नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे सीमांत जिले पिथौरागढ़ में बने नैनीसैनी एयरपोर्ट को अब तक टू-सी श्रेणी प्राप्त थी। khabardarshan.com के अनुसार इसी श्रेणी के चलते यहां से बड़े विमानों की आवाजाही संभव नहीं थी। उच्चीकरण और विस्तारीकरण के बाद एयरपोर्ट थ्री-सी श्रेणी में आएगा, जिससे 72 सीटर विमानों के संचालन का रास्ता खुल जाएगा और पिथौरागढ़ देश के हवाई नक्शे पर मजबूत पहचान बनाने की ओर बढ़ेगा।

एएआई सर्वे के बाद मिली सैद्धांतिक स्वीकृति

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने उच्चीकरण के लिए सर्वे कर उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी थी, जिसे अब सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। विमानपत्तन प्राधिकरण की रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने भी तकनीकी सर्वे पूरा कर लिया है। शासन के निर्देश पर प्रशासन जल्द ही विस्तारीकरण का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजेगा।

भूमि अधिग्रहण के सामने चुनौती

विस्तारीकरण के लिए भूमि की व्यवस्था करनी होगी, जो प्रशासन के लिए आसान नहीं है। एयरपोर्ट के आसपास स्थानीय लोगों के उपजाऊ खेत हैं और यह क्षेत्र बासमती सहित धान की अन्य किस्मों के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। पूर्व में भूमि के मुआवजे को लेकर क्षेत्र में आंदोलन भी हो चुका है और लोग अन्य जमीन देने के पक्ष में नहीं हैं। बताया जाता है कि इसी क्षेत्र की उपजाऊ जमीन पर पूर्व में एयरपोर्ट को धरातल पर उतारा गया था। ऐसे में ग्रामीणों को मनाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।

प्रभावित भवनों और भूमि का सर्वे शुरू

एयरपोर्ट के आसपास बने कई भवन भी विस्तारीकरण की जद में आएंगे, जिन्हें हटाना होगा। इसके सर्वे की तैयारी शुरू हो गई है।

पर्यटन और सीमा सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

उच्चीकरण और विस्तारीकरण से सीमांत जिले में हवाई सेवा का विस्तार होने के साथ पर्यटन को गति मिलने और सीमा सुरक्षा मजबूत होने की उम्मीद है। जिले में मुनस्यारी, चौकोड़ी, पातालभुवनेश्वर और आदि कैलाश जैसे आकर्षक पर्यटन स्थल हैं, जहां पहुंच आसान होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय व्यवसाय को भी फायदा होगा। रणनीतिक दृष्टि से भी चीन और नेपाल की सीमा से सटे इस एयरपोर्ट का महत्व बढ़ जाएगा और सीमांत जिले की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

डीएम बोले जिले के लिए गर्व का विषय

khabardarshan.com के मुताबिक जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने कहा कि नैनीसैनी एयरपोर्ट के उच्चीकरण को शासन से मिली मंजूरी पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि विस्तारीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है और इससे जिले को नई पहचान मिलेगी तथा पर्यटन को नई उड़ान। डीएम के अनुसार एयरपोर्ट के उन्नयन से पर्यटन, व्यवसाय, सुरक्षा और विकास को एक साथ गति मिलेगी।