पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब पिथौरागढ़ जिले में कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर भी दिखाई देने लगा है। वहीं राज्य के कई जिलों में स्कूल बंद करने पड़े हैं और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश की सड़कों पर 200 से अधिक स्थानों पर पहाड़ियां दरकने से भूस्खलन हुआ है।
तम्पा मंदिर के पास दरकी पहाड़ी
पिथौरागढ़ में बारिश के दौरान कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में तम्पा मंदिर के पास अचानक पहाड़ी दरक गई, जिससे मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए। इसके चलते यात्रा मार्ग अस्थायी रूप से बंद हो गया है। मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
10 जिलों में स्कूल बंद
प्रदेश में शुक्रवार को उत्तरकाशी, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ को छोड़कर 10 जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक 10 जुलाई के लिए नैनीताल, ऊधम सिंह नगर एवं चंपावत जनपदों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। बंद सड़कों को खोलने के लिए प्रशासनिक एजेंसियों को लगाया गया है।
रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चंपावत में रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि देहरादून, पौड़ी और बागेश्वर जनपदों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। सरकार की ओर से लोगों से अलर्ट रहने को कहा गया है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से वर्षा से उत्पन्न स्थिति, मौसम पूर्वानुमान, सड़क संपर्क और नदियों के जलस्तर की समीक्षा की।
सभी विभाग 24 घंटे अलर्ट मोड पर
सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सभी विभाग चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जहां भी मौसम अत्यधिक खराब हो या यात्रा करना जोखिमपूर्ण हो, वहां यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए।
होल्डिंग पॉइंट्स पर सुविधाओं के निर्देश
चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री के विशेष दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए सचिव ने कहा कि सभी होल्डिंग पॉइंट्स पर श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल, दवाइयां, बच्चों के लिए दूध, शौचालय और आवास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ, लोक निर्माण, पेयजल, विद्युत और स्वास्थ्य विभागों को पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
नैनी झील का जलस्तर 82 फीट पहुंचा
नैनीताल जिले में गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक लगातार मानसून की बारिश जारी रही। हल्द्वानी में देर रात से मूसलाधार बारिश हो रही है। जिले में आधा दर्जन से अधिक सड़कें बंद रहीं और नैनी झील का जलस्तर करीब 82 फीट तक पहुंच गया है।
बागेश्वर में सरयू और गोमती उफान पर
बागेश्वर में भी बारिश का असर दिखा, जहां मलबा और पत्थर गिरने से 13 सड़कें बंद रहीं। सरयू और गोमती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। अत्यधिक बारिश के अलर्ट के कारण स्कूल बंद रहे। पिथौरागढ़ में हल्के बादलों के बीच धूप खिली, जहां 18 मार्ग बंद हैं। जिला प्रशासन ने सभी संवेदनशील क्षेत्रों में राहत टीमों को तैनात रखा है।