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देहरादून

हरिद्वार में सीजन का सबसे घना कोहरा, हर की पैड़ी के घाट नहीं दिखे

हरिद्वार में इस सीजन का सबसे घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो गई। हर की पैड़ी के घाट कोहरे में लिपटे रहे, श्रद्धालुओं की संख्या भी कम रही।

हरिद्वार। हरिद्वार में इस सीजन का सबसे घना कोहरा छाया रहा और प्रसिद्ध हर की पैड़ी के घाट कोहरे की मोटी चादर में लिपटे नजर आए। सुबह के समय दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई, जिससे घाट के एक छोर से दूसरे छोर तक कुछ भी साफ दिखाई नहीं दिया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह इस सीजन का सबसे घना कोहरा है और आने वाले दिनों में भी ऐसी स्थिति बनी रह सकती है।

घंटाघर और गंगा जल भी छिपा

मालवीय घाट से दूर से दिखने वाला ऐतिहासिक घंटाघर भी कोहरे में पूरी तरह छिप गया। घाट की सीढ़ियों पर खड़े होने के बावजूद गंगा नदी का जल नजर नहीं आया। कोहरे की इतनी मोटी परत जमा हो गई कि आसपास की इमारतें भी धुंध के पीछे छिप गईं, जिससे घाट का पूरा नजारा बदल गया। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मैदानी इलाकों में आर्द्रता बढ़ने और हवा की गति कम होने से कोहरा लंबे समय तक टिका रहा।

श्रद्धालुओं का हौसला फिर भी बुलंद

इतनी ठंड और कोहरे के बावजूद हर की पैड़ी पर स्नान करने आए श्रद्धालुओं का हौसला बुलंद दिखा। श्रद्धालुओं का कहना था कि मां गंगा में स्नान करने के बाद ठंड का पता ही नहीं चलता और उन्हें अलग ऊर्जा मिलती है। हालांकि कोहरे के कारण घाट पर श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम रही और स्नान के बाद लोग जल्दी लौटते नजर आए।

ऋषिकेश में भी कोहरे का असर

कोहरे का असर केवल हरिद्वार तक सीमित नहीं रहा। ऋषिकेश में भी सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा और तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई। गंगा किनारे बने घाटों और आश्रमों के आसपास धुंध की परत छाई रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिसंबर के मध्य के बाद से सुबह और शाम की ठिठुरन तेज हो गई है और कोहरे के कारण घर से निकलना मुश्किल हो रहा है।

यातायात पर सीधा असर

घने कोहरे का सीधा असर सड़क यातायात पर पड़ा। वाहन चालकों को दूर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे उन्हें रफ्तार काफी धीमी रखनी पड़ी। सुबह के समय हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच आवाजाही करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वन विभाग की सलाह है कि लोग सुबह के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और आवश्यक होने पर ही निकलें।

मौसम विभाग ने जारी की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को सुबह के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार कोहरे के कारण दृश्यता कम रहने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को घरों से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

ठंड से शहर की रफ्तार हुई धीमी

लगातार बढ़ती ठंड और कोहरे ने तीर्थनगरी की रफ्तार धीमी कर दी है। तड़के से ही घाटों, बाजारों और चाय की दुकानों पर कोहरे की परत छाई रहती है और सूरज निकलने के बाद धुंध छंटती है। नाव संचालकों और रेहड़ी-पटरी वालों का कहना है कि सुबह कोहरे और ठंड के कारण बाजार देर से खुलते हैं और दिनभर की आमदनी पर असर पड़ रहा है।

कोहरा और तापमान

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मैदानी इलाकों में कोहरा बना रहेगा और तापमान में भी खास बदलाव की संभावना नहीं है। ऐसे में प्रशासन ने नगर निगम और पुलिस को कोहरे के दौरान यातायात प्रबंधन के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।