सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट ने उत्तराखंड की चिंता बढ़ा दी है। वहीं पहाड़ में सरकारी नौकरी की ललक भी साफ दिख रही है, जहां रुद्रप्रयाग में गिने-चुने होमगार्ड पदों के लिए हजारों युवाओं ने आवेदन किया है।
हरिद्वार को मिले 600 में से सिर्फ 310 अंक
जागरण के मुताबिक केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की परफॉर्मेंस इंडेक्स ग्रेडिंग फॉर डिस्ट्रिक्ट यानी पीजीआई-डी सर्वेक्षण रिपोर्ट में उत्तराखंड का हरिद्वार जनपद सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन के मामले में सबसे फिसड्डी रहा। छह अलग-अलग मानकों में किए गए जनपद स्तरीय राष्ट्रीय सर्वे में हरिद्वार ने 600 में से केवल 310 अंक प्राप्त किए।
चमोली पहले, पिथौरागढ़ दूसरे और बागेश्वर तीसरे स्थान पर
रिपोर्ट के अनुसार 352 अंक अर्जित कर चमोली पहले, 344 अंक लेकर पिथौरागढ़ दूसरे और 343 अंकों के साथ बागेश्वर तीसरे स्थान पर है। यानी जहां पहाड़ के सरकारी स्कूलों ने बेहतर प्रदर्शन किया, वहीं मैदानी जनपद पिछड़े नजर आए।
ऊधम सिंह नगर 12वें और रुद्रप्रयाग-उत्तरकाशी 11वें स्थान पर
प्रदेश में सबसे निचले पायदान पर हरिद्वार के बाद ऊधम सिंह नगर 12वें स्थान पर रहा। रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी 11वें स्थान पर रहे। सर्वे में छह मानकों के आधार पर जनपदों को अंक दिए गए, जिनमें सीखने के परिणाम, प्रभावी शिक्षक प्रक्रिया, आधारभूत संरचना, विद्यालय सुरक्षा और बाल संरक्षण जैसे पहलू शामिल हैं। प्रभावी शिक्षा शिक्षक प्रक्रिया के मानक में चमोली ने 90 में से 65 अंक हासिल किए, जबकि हरिद्वार सिर्फ 49 अंकों पर सिमट गया। सीखने के परिणाम के मानक में देहरादून 141 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि ऊधम सिंह नगर 119 अंकों के साथ सबसे नीचे रहा।
पठन-पाठन और सुरक्षा पर विशेष जोर देने की जरूरत
रिपोर्ट पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पीजीआई-डी रिपोर्ट में सभी जनपदों के शिक्षा स्तर का सर्वेक्षण सामने आया है। पठन-पाठन और नौनिहालों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिए जाने की जरूरत है।
रुद्रप्रयाग में होमगार्ड की 24 पदों के लिए 1103 आवेदन
ईटीवी भारत के मुताबिक पहाड़ में रोजगार के सीमित अवसरों के बीच होमगार्ड भर्ती को लेकर युवाओं में भारी उत्साह है। छोटे से जनपद रुद्रप्रयाग में होमगार्ड के कुल 24 पदों के लिए 1103 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इनमें पुरुषों के 20 पदों पर 917 और महिलाओं के 4 पदों के लिए 186 आवेदन मिले हैं।
भर्ती प्रक्रिया 19 जुलाई तक, वीडियोग्राफी से पारदर्शिता
जिला होमगार्ड कमांडेंट सुरेंद्र दत्त डंगवाल ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप कराई जा रही है। चयन प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जा रही है, ताकि पारदर्शिता पर किसी तरह की शंका न रहे। भर्ती प्रक्रिया 19 जुलाई तक चलेगी। प्रतिदिन सुबह से बड़ी संख्या में युवा निर्धारित मानकों के अनुसार शारीरिक दक्षता और चयन प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं। अभ्यर्थियों में चयन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
केदारनाथ यात्रा में होमगार्ड की अहम भूमिका
रुद्रप्रयाग जनपद में होमगार्ड जवानों की भूमिका खास मानी जाती है। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन में होमगार्ड जवान पुलिस और प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सेवाएं देते हैं।