उत्तराखंड में रविवार को दो अलग-अलग मामलों ने सुर्खियां बटोरीं। दोनों मामलों में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की और आरोपियों को पकड़ने की कोशिशें तेज कर दी हैं। एक तरफ देहरादून में नौकरी लगवाने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, तो दूसरी तरफ चमोली पुलिस ने सोलर प्लांट से लाखों के इन्वर्टर चोरी की गुत्थी सुलझा दी। चमोली पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरी की गुत्थी को महज कुछ ही समय में सुलझा दिया और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
नौकरी का झांसा देकर की 7.38 लाख की ठगी
जागरण के मुताबिक देहरादून में एक दंपती ने विधानसभा में नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से 7.38 लाख रुपये की ठगी की। शिकायत पर रायपुर थाना पुलिस ने आरोपित पति-पत्नी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित की जान-पहचान आरोपित आरिफ से सचिवालय के पास हुई थी।
खुद को बताया विधानसभा निदेशक का चालक
पुलिस को दी तहरीर में पीड़ित ने बताया कि आरिफ ने खुद को सचिवालय और विधानसभा की निदेशक का ड्राइवर बताया। दोनों के बीच बातचीत बढ़ने पर आरोपित ने कहा कि निदेशक का पीए सेवानिवृत्त हो रहा है और वह उसे पीए की नौकरी में लगवा सकता है।
पत्नी को बनाया फर्जी निदेशक
आरोपित ने ठगी के लिए अपनी पत्नी को ही फर्जी निदेशक बनाया था। फोन पर उसकी पत्नी निदेशक बनकर नौकरी के सिलसिले में बात करती थी। इसके एवज में आरोपित ने छह लाख रुपये और दस्तावेज की फोटो कॉपी मांगी।
1.38 लाख अलग से लिए
आरोपित ने पीड़ित को बताया कि जिसकी नई नियुक्ति होती है, वह विधानसभा में अपनी ओर से कार्यक्रम करता है। इस कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए भी आरोपित ने अलग से 1.38 लाख रुपये ले लिए। आरोपित ने पीड़ित को ज्वाइनिंग छह जनवरी की तारीख बताई थी, लेकिन इससे पहले पांच जनवरी से ही उसने फोन उठाना बंद कर दिया। लंबे इंतजार के बाद भी नौकरी नहीं मिली, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
चमोली में सोलर प्लांट से इन्वर्टर चोरी
दूसरी घटना चमोली जिले के लासी गांव की है। एस एंड एस एनर्जी सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के साइट सुपरवाइजर ने तहरीर दी थी कि अज्ञात चोरों ने कंपनी के 200 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट से 100 किलोवाट क्षमता का सोलर इन्वर्टर चोरी कर लिया। चोरी गए इन्वर्टर की अनुमानित कीमत करीब 3.50 लाख रुपये बताई गई थी।
त्वरित कार्रवाई में बरामद हुआ इन्वर्टर
तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी मदन सिंह बिष्ट के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक राकेश भट्ट के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। टीम ने घटनास्थल का बारीक निरीक्षण कर स्थानीय स्तर पर पूछताछ शुरू की और भौतिक व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की सूची तैयार की। लगातार छानबीन के बाद आरोपित अंकित सिंह निवासी ग्राम लासी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से चोरी का भारी इन्वर्टर बरामद हो गया।