धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ मेले की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। वहीं राज्य सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा को अमल में ला दिया है। दोनों फैसलों से प्रशासनिक तैयारियों और जवानों की सुरक्षा, दोनों को बल मिला है।
डीएम और एसएसपी ने किया मेला क्षेत्र का निरीक्षण
ईटीवी भारत के मुताबिक हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने अधिकारियों की टीम के साथ मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। टीम ने हिल बाईपास, सप्त ऋषि क्षेत्र, रोड़ी बेल वाला मैदान और नजीबाबाद हाईवे का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए।
30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलेगा मेला
प्रशासन के अनुसार इस वर्ष कांवड़ मेला 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेगा। चार करोड़ से अधिक कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए सभी व्यवस्थाएं भीड़ के अनुरूप विकसित की जा रही हैं। चिकित्सा, पेयजल, स्वच्छता और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए हैं।
पार्किंग, यातायात और सुरक्षा की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान पार्किंग व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, बैरिकेडिंग, सड़क मरम्मत, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई। एसएसपी ने भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक सुचारू रखने के दृष्टिकोण से कांवड़ मेला रूट का जायजा लिया।
25 जुलाई तक पूरे करने होंगे सभी काम
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मेले से जुड़े हाईवे, सीवर और पुलों के निर्माण कार्य 25 जुलाई तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं, ताकि कांवड़ियों को किसी तरह की दिक्कत न उठानी पड़े। डीएम ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
PRD जवानों को 180 दिन तक मिलेगा मानदेय
जागरण के मुताबिक उत्तराखंड सरकार ने प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवकों को बड़ी राहत देते हुए ड्यूटी या प्रशिक्षण के दौरान बीमार या घायल होकर अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में भी मानदेय देने का निर्णय लागू कर दिया है। सरकार ने उपचार अवधि को आन ड्यूटी मानते हुए अधिकतम 180 दिनों तक मानदेय देने की व्यवस्था की है।
एसओपी जारी, बढ़ेगी आर्थिक सुरक्षा
युवा कल्याण विभाग ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी भी जारी कर दी है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप यह व्यवस्था लागू की गई है। इससे पीआरडी स्वयंसेवकों को उपचार के दौरान आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और आय बंद होने की चिंता नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवक विभिन्न विभागों में विपरीत परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवाएं देते हैं, ऐसे में ड्यूटी के दौरान दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में सरकार का उनके साथ खड़ा रहना उसकी जिम्मेदारी है। खेल मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार पीआरडी जवानों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार निर्णय ले रही है।