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‘पीढ़ियां सड़कों पर आ जाएंगी’: हरिद्वार के किसानों ने गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जमीन देने से किया इंकार; 1500 से अधिक शिक्षक पदों पर होगी भर्ती

हरिद्वार के किसानों ने गंगा एक्सप्रेसवे के लिए पुश्तैनी जमीन देने से इंकार कर दिया। उत्तराखंड में शिक्षकों के 1500 से अधिक पदों पर भर्ती होगी, प्रवक्ताओं के 808 पदों की प्रक्रिया चल रही है।

उत्तराखंड में बुधवार को एक तरफ हरिद्वार के किसानों ने गंगा एक्सप्रेसवे के लिए जमीन देने से साफ इंकार कर दिया, तो दूसरी तरफ राज्य में शिक्षकों के 1500 से अधिक पदों पर भर्ती की घोषणा हुई।

किसानों ने कहा, जमीन हमारी पहचान

गंगा एक्सप्रेसवे की परियोजना को लेकर हरिद्वार जिले के किसानों ने हंगामा खड़ा कर दिया है। किसानों का कहना है कि यह उनकी पुश्तैनी जमीन है और अगर अधिग्रहण हुआ तो उनकी आने वाली पीढ़ियां भूमिहीन होकर सड़कों पर आ जाएंगी। किसानों ने एक्सप्रेसवे को उपजाऊ खेतों के बजाय गंगा के किनारे से निकालने की मांग की है।

महापंचायत में सैकड़ों किसानों ने किया गोलबंद

जमालपुर कलां के रामलीला मैदान में हुई महापंचायत में जमालपुर कलां, बहादरपुर जट, गाड़ोवाली, किशनपुर, कटारपुर, फेरूपुर और रानी माजरा के सैकड़ों किसान अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने पर अड़ गए। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन से ही उनकी रोजी-रोटी और आजीविका चलती है।

गंगा किनारे से निकाले जाने की मांग

किसानों ने तर्क दिया कि यदि एक्सप्रेसवे गंगा के किनारे बनाया जाए तो उन गांवों का भी विकास होगा, जो सालों से इसकी राह देख रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपजाऊ कृषि भूमि को बचाया जाना चाहिए और निर्माण के लिए वैकल्पिक जमीन पर विचार किया जाना चाहिए। महापंचायत में किसानों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करके जिला प्रशासन और सरकार से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया रोकने की मांग की। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी बात नहीं मानी जाती, वे आंदोलन जारी रखेंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विरोध नहीं, बल्कि संवाद चाहते हैं और अधिग्रहण से पहले उनसे लिखित सहमति ली जानी चाहिए।

शिक्षकों के 1500 से अधिक पदों पर भर्ती

दूसरी ओर प्रदेश में शिक्षकों के 1500 से अधिक पदों पर भर्ती होगी। इसमें प्रवक्ताओं के 808 पदों के लिए प्रक्रिया चल रही है, वहीं सहायक अध्यापक प्रारंभिक शिक्षा के 250 से अधिक पदों के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा सहायक अध्यापक एलटी के भी 450 से अधिक पद खाली हैं।

चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को प्रधानाचार्य देंगे नियुक्ति

शिक्षा विभाग के मुताबिक 2364 पदों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अब सीधे प्रधानाचार्य नियुक्ति देंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में सहायक अध्यापक के खाली पदों पर भर्ती के लिए शीघ्र विज्ञप्ति निकाली जाएगी। शिक्षा विभाग के मुताबिक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी कराई जाएगी और विज्ञप्ति जारी होने के बाद अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। किसानों के मुताबिक जमीन का मुद्दा उनकी आजीविका से जुड़ा है, इसलिए वे इसे लेकर गंभीर हैं। विरोध के बीच प्रशासन ने किसानों से संवाद का भरोसा दिलाया है और कहा है कि नियमों के दायरे में उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए किसान नेताओं ने अलग बैठक भी की।

रोजगार की नई उम्मीद

भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से राज्य के बेरोजगार युवाओं में नई उम्मीद जगी है। शिक्षक संघ के कार्यक्रम में पदों की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी कराई जाए।