उत्तराखंड में अप्रैल की तपिश के बाद मई की शुरुआत में ही मौसम ने करवट ले ली है। पहाड़ से लेकर मैदान तक अचानक बादल छा गए और कई इलाकों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में मौसम का मिजाज बदला है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने पहले ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का संकेत दिया था और बारिश का अनुमान जताया था।
देहरादून से चमोली तक हुई बारिश
राजधानी देहरादून और मसूरी में दिन में ही बादल घिर आए और झमाझम बारिश हुई। चमोली समेत कई पर्वतीय जिलों में भी बारिश का दौर चला। मौसम विभाग के मुताबिक एक मई को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी
चार हजार दो सौ मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। केदारनाथ और बदरीनाथ के आसपास के पहाड़ों पर हिमपात से ठंड बढ़ गई। नैनीताल और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भी तापमान गिरने से शाम को ठंड का एहसास हुआ।
2 मई को जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने दो मई को कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की अपील की है। अलर्ट वाले इलाकों में लोगों को घरों में रहने और खुले में अनावश्यक न निकलने की सलाह दी गई है।
ओले और अंधड़ से फसलों को खतरा
ओलावृष्टि से खड़ी फसलों और बागवानी को नुकसान की आशंका है। आम और लीची के बागानों को भी नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम साफ होने तक फसलों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। बागवानी विभाग ने भी फलदार पौधों को बचाने के लिए परामर्श जारी किया है।
तापमान में दर्ज हुई तेज गिरावट
लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते दिन और रात के तापमान में साफ गिरावट दर्ज की गई। जहां अप्रैल के आखिर में गर्मी परेशान कर रही थी, वहीं अब लोगों को हल्के कपड़ों के साथ शाम को हल्की ठंड भी महसूस हो रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में रात का तापमान और भी नीचे पहुंच गया है।
चारधाम यात्रियों के लिए चेतावनी
चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम विभाग ने सतर्क किया है। ऊपरी इलाकों में बर्फबारी और बारिश के कारण रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही आगे बढ़ें।
भूस्खलन वाले क्षेत्रों में बढ़ी निगरानी
लगातार बारिश के कारण भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील ढलानों और नदी किनारों पर विशेष नजर रखी जा रही है। राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने को कहा गया है।
अगले कुछ दिनों का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक राज्य में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। पर्वतीय इलाकों में मौसम ठंडा बना रहेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बदलते मौसम को देखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। मौसम विज्ञान विभाग लगातार पूर्वानुमान जारी कर रहा है और लोगों से ताजा अपडेट लेते रहने को कहा गया है।