उत्तराखंड में चिलचिलाती गर्मी के बीच गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। प्रदेश के छह जिलों- चंपावत, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, देहरादून और पौड़ी में बारिश हुई, जबकि इनमें से चार जिलों चंपावत, पिथौरागढ़, देहरादून और बागेश्वर में तेज ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। देहरादून शहर में तेज बारिश हुई और मसूरी में बारिश के साथ ओले गिरे।
मोबाइल पर पहुंचा इमरजेंसी अलर्ट
पिथौरागढ़ में रात करीब साढ़े ग्यारह बजे लोगों के मोबाइल पर ‘एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट’ का इमरजेंसी नोटिफिकेशन आया। यह चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम से जारी की गई। अलर्ट में तेज गर्जन, बिजली चमकने, ओलावृष्टि, भारी बारिश और 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई।
नौ जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि होने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक आज सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट बना हुआ है। 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
आंधी से तबाही, पेड़ गिरे
देहरादून में गुरुवार रात बारिश के साथ तेज हवाओं के कारण जगह-जगह पेड़ गिर गए और कई इलाकों की बिजली काट दी गई। फायर सर्विस की टीम ने पेड़ों को काटकर यातायात सुचारू किया। राजपुर रोड से मैगी पॉइंट तक 10 से 12 छोटे-बड़े पेड़ और टहनियों को हटाकर मार्ग आवाजाही के लिए खोला गया। कई जगह बिजली के तार भी गिरे, जिसकी सूचना बिजली विभाग को दी गई।
चमोली में बर्फबारी से ठंडा मौसम
चमोली जिले में भी रातभर बारिश हुई और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया। केदारनाथ समेत पूरे जिले में मौसम ठंडा रहा। शुक्रवार सुबह बारिश थमने के बाद धूप खिली, जिससे यात्रियों को राहत मिली।
नौ जिलों में बारिश, लोहाघाट में गिरे ओले
गुरुवार को प्रदेश के नौ जिलों नैनीताल, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चंपावत, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, देहरादून और पौड़ी में बारिश दर्ज की गई। चंपावत के लोहाघाट में ओले गिरे और मसूरी समेत कई पहाड़ी शहरों में ओलावृष्टि ने सड़कों को सफेद चादर से ढक दिया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव आया है और यह दौर तीन जून तक जारी रह सकता है।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि ओलावृष्टि और आंधी के दौरान पेड़ों तथा बिजली के खंभों के नीचे न खड़े हों और वाहनों को सुरक्षित स्थान पर रोकें। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए खड़ी ढलानों वाले रास्तों पर सफर टालने की सलाह दी गई है। किसानों से कहा गया है कि वे अपनी फसल को ओलों से बचाने के लिए आवश्यक इंतजाम कर लें।
आगे के लिए चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक पहाड़ी जिलों में बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि जारी रह सकती है। चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें और ऊंचाई वाले इलाकों में सतर्क रहें। प्रशासन ने आपात स्थिति के लिए सभी टीमों को अलर्ट पर रखा है।