उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार जारी भारी बारिश और मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। बाद में मौसम खुलने पर यात्रा फिर से शुरू कर दी गई।
यात्रा रोकने का निर्देश
गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने लगातार हो रही बारिश और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए एहतियातन केदारनाथ यात्रा को कुछ समय के लिए रोकने के निर्देश दिए थे। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा था और निर्देश दिया था कि मौसम की स्थिति सामान्य होने पर यात्रा सुचारु रूप से पुनः संचालित की जाएगी।
मौसम खुलते ही यात्रा बहाल
केदारनाथ पैदल मार्ग पर बारिश रुकने और मौसम के खुलने पर विभिन्न पड़ावों पर सुरक्षित रोके गए यात्रियों को आगे भेजा गया। जिला प्रशासन के अनुसार मौसम में सुधार होने तक किसी भी श्रद्धालु को यात्रा मार्ग पर आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। प्रशासन ने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों, पुलिस कर्मियों, डीडीआरएफ, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया था।
आपात स्थिति के लिए इंतजाम
प्रशासन ने आपात स्थिति के लिए आपातकालीन संचालन केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी है। हेल्पलाइन नंबर 8958757335 जारी किया गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
देहरादून में 86 साल का रिकॉर्ड
इस बीच देहरादून में हुई बारिश ने 86 साल का नया रिकॉर्ड बनाया। राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से पहाड़ी इलाकों में तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है।
केदारनाथ मार्ग की चुनौतियां
केदारनाथ धाम समुद्र तल से करीब 3583 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और यहां तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को गौरीकुंड से करीब 16 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। बारिश के दौरान यह मार्ग और चुनौतीपूर्ण हो जाता है, क्योंकि पहाड़ी रास्ते पर मलबा आने और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में मौसम विभाग के अलर्ट पर प्रशासन तुरंत यात्रा रोकने जैसे कदम उठाता है।
प्रशासन की निगरानी
जिला प्रशासन के अनुसार यात्रा मार्ग पर मौसम की स्थिति लगातार निगरानी में रहती है। अलर्ट जारी होते ही पड़ावों पर पहुंचे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाता है और बारिश थमने तथा मार्ग सुरक्षित होने की पुष्टि के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने दिया जाता है।
श्रद्धालुओं के लिए सलाह
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बारिश के दौरान पैदल मार्ग पर फिसलन रहती है, इसलिए सावधानी बरतने और पड़ावों पर ही रुकने की सलाह दी गई है। चारधाम यात्रा से जुड़े सभी मार्गों पर प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं।