उत्तराखंड में बिजली संकट गहरा गया है। तेज गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। मांग 5 करोड़ यूनिट के पार पहुंच गई है। मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर बन हुआ है। इससे कई इलाकों में बिजली कटौती की समस्या पैदा हो गई है।
बढ़ती मांग
मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी पड़ रही है। इससे पंखे और कूलर चलाने में बिजली की खपत बढ़ गई है। दिन में मांग चरम पर पहुंच रही है। खेती के कामों में भी बिजली की जरूरत बढ़ी है। इससे पूरे सिस्टम पर दबाव पड़ रहा है।
कटौती से परेशानी
कई इलाकों में बिना सूचना बिजली गुल हो रही है। शहरों और गांवों दोनों जगह उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। कामकाज और पढ़ाई प्रभावित हो रहे हैं। दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोग कटौती का शेड्यूल जारी करने की मांग कर रहे हैं।
गर्मी और लू का असर
मैदानी जिलों में लू का प्रकोप जारी है। तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है। दोपहर में लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। ऐसे मौसम में बिजली की अहमियत और बढ़ जाती है। बिजली गुल होने पर लोगों को गर्मी में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
पहाड़ों में बारिश से राहत
पर्वतीय इलाकों में बारिश से गर्मी से राहत मिली है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ों में बिजली की खपत भी कम रहती है। यहां मौसम सुहावना बना हुआ है। पर्यटक भी ठंडे मौसम का आनंद ले रहे हैं।
बिजली निगम की तैयारी
बिजली निगम ने मांग को पूरा करने के दावे किए हैं। अधिकारियों के अनुसार पर्याप्त व्यवस्था की गई है। खराब ट्रांसफार्मर बदलने का काम चल रहा है। शिकायतों के निस्तारण के लिए टीमें तैनात हैं। निगम ने उपभोक्ताओं से संयम बरतने की अपील की है।
उपभोक्ताओं की अपील
उपभोक्ता लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। उनका कहना है कि पहले शेड्यूल जारी होना चाहिए। अचानक कटौती से काम प्रभावित होता है। अस्पताल और स्कूल जैसी जगहों पर बिजली जरूरी है। प्रशासन से इन संस्थानों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।
बचाव के उपाय
गर्मी में बिजली की बचत करनी चाहिए। दिन में जरूरत पड़ने पर ही पंखे और कूलर चलाएं। एलईडी बल्ब का इस्तेमाल करें। बेवजह लाइट जलाकर न छोड़ें। इससे मांग कम होने में मदद मिलेगी।
पर्यावरण की मदद
पेड़ लगाने से गर्मी कम होती है। छाया बनने से कमरे ठंडे रहते हैं। इससे बिजली की खपत घटती है। पानी और ऊर्जा की बचत जरूरी है। लोगों को ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक होना चाहिए।
प्रशासन की निगरानी
प्रशासन बिजली व्यवस्था पर नजर रख रहा है। अधिकारियों को शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय तक कटौती होने पर जवाबदेही तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। लोगों से जानकारी साझा करने की अपील की गई है।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों के अनुसार मांग बढ़ने पर बेहतर प्रबंधन जरूरी है। समय रहते बिजली व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए। पुराने तार और ट्रांसफार्मर बदलने चाहिए। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहिए। इससे आने वाले वर्षों में संकट कम होगा।