देहरादून। सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सीएनजी और पीएनजी को सस्ता करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। बैठक में सीएनजी और पीएनजी पर लगने वाले वैट को बीस प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही आयुष्मान योजना में बड़े बदलाव और कई अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगी।
सीएनजी होगी 13 से 15 रुपए सस्ती
कैबिनेट के फैसले के बाद सीएनजी की कीमत में 13 से 15 रुपए प्रति किलोग्राम की कमी आएगी। यह राहत उन वाहन चालकों को मिलेगी जो सीएनजी पर चलते हैं। इसी तरह पीएनजी की कीमत में पांच से सात रुपए प्रति एससीएम की कमी आएगी, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट चलाने वाले कारोबारियों को भी फायदा पहुंचेगा।
पीएनजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
रसोई गैस के लिए पीएनजी का इस्तेमाल करने वाले शहरी उपभोक्ताओं को हर महीने बिल में सीधी बचत होगी। कारोबारियों का कहना है कि इस फैसले से व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और राज्य के शहरों में स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल भी तेज होगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी।
आयुष्मान में बदलेगा काम करने का तरीका
कैबिनेट ने आयुष्मान योजना के संचालन में बदलाव को भी मंजूरी दी। अब योजना के तहत मरीजों का इलाज कैशलेस तरीके से नहीं, बल्कि बीमा कंपनी के जरिए कराया जाएगा। इससे सरकारी खजाने पर पड़ने वाले दबाव को कम करने की कोशिश की गई है और भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की बात कही गई है।
गोल्डन कार्ड अब हाइब्रिड मोड में
अब तक पात्र लाभार्थियों को ऑनलाइन गोल्डन कार्ड जारी किया जाता था, लेकिन अब इसे हाइब्रिड मोड में जारी करने का फैसला हुआ है। इसके तहत हर अस्पताल और लैब को अपने स्तर पर गोल्डन कार्ड जारी करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे जरूरतमंद मरीजों को इलाज के समय कार्ड के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
11 प्रस्तावों को मिली मंजूरी
बैठक में कुल 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जबकि तीन बिंदुओं पर सहमति नहीं बन सकी। इन प्रस्तावों में स्वास्थ्य, ऊर्जा और प्रशासनिक सुधार से जुड़े मामले शामिल थे। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का सीधा लाभ आम उपभोक्ताओं और कारोबारियों को मिलेगा।
उद्योगों को भी होगा लाभ
सीएनजी और पीएनजी की कीमत घटने से राज्य के उद्योगों की उत्पादन लागत भी कम होगी। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक सस्ता ईंधन औद्योगिक इकाइयों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
नए वित्तीय वर्ष से लागू होगा फैसला
नए वैट ढांचे को अगले वित्तीय वर्ष से लागू करने की तैयारी है। इसके लिए अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आम उपभोक्ताओं को राहत देने वाले इस फैसले को सरकार अपनी उपलब्धियों में गिन रही है, वहीं विपक्ष ने इसे चुनाव से पहले का लोकलुभावन कदम बताया है।
व्यापारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ईंधन की कीमतें घटने से रोजमर्रा के खर्च में कमी आएगी और होटल, ढाबों तथा छोटी इकाइयों के संचालन पर पड़ने वाला दबाव कम होगा।